गाजियाबाद। दिन के वक्त जिस बेटे की दीर्घायु और खुशहाली के लिए घर में धूमधाम से कीर्तन कराया गया, उसी कलयुगी बेटे ने कुछ ही घंटों के भीतर अपने छोटे भाई के साथ मिलकर अपने ही माता-पिता की बेरहमी से जान ले ली। दिल को झकझोर देने वाली यह अत्यंत विचलित करने वाली वारदात गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भीमनगर कॉलोनी में बीती सोमवार की देर रात घटित हुई। पुलिस अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शराब के नशे में धुत दोनों बेटों ने जब घर में तांडव मचाया, तो उन्हें समझाने और रोकने आए बुजुर्ग माता-पिता को इस कदर बेदर्दी से पीटा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों की सांसें थम गईं।
संपत्ति अपने नाम कराने का था दबाव, बहन की तहरीर पर दोनों हत्यारे बेटे गिरफ्तार
मृतक दंपती की बेटी ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में यह गंभीर आरोप लगाया है कि दोनों आरोपी बेटे लंबे समय से उनके माता-पिता पर अपनी सारी संपत्ति अपने नाम कराने के लिए भारी मानसिक दबाव बना रहे थे। बहन की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपी भाइयों—ललित (27) और दीपक (25)—को तत्काल गिरफ्तार कर लिया है। इस जघन्य दोहरे हत्याकांड के बाद से न केवल भीमनगर कॉलोनी बल्कि पूरे इलाके में सनसनी फैली हुई है और हर कोई स्तब्ध है।
मूल रूप से बुलंदशहर के रहने वाले थे गंगाशरण, अखबार वितरण के साथ चलाते थे डेयरी
पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि मृतक 55 वर्षीय गंगाशरण और उनकी 50 वर्षीय पत्नी विमलेश काफी समय से गाजियाबाद की भीमनगर कॉलोनी में अपने परिवार के साथ निवास कर रहे थे। मूल रूप से बुलंदशहर जिले के बीबीनगर थाना क्षेत्र के सठला कस्बे के रहने वाले गंगाशरण शहर में सुबह अखबार (पत्र) वितरित करने का कार्य करने के साथ-साथ दूध की डेयरी भी संचालित करते थे। उनके परिवार में दो बेटे ललित व दीपक तथा दो बेटियां थीं, और चारों संतानों का विवाह हो चुका था।
घटना की रात, मकान की पहली मंजिल पर रहने वाले एक किरायेदार जगबीर ने रात करीब एक बजे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर सूचना दी कि नीचे दोनों बेटे अपने माता-पिता के साथ बुरी तरह मारपीट कर रहे हैं और उनकी हालत बेहद गंभीर है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों हमलावर बेटों को हिरासत में ले लिया।
अस्पताल ले जाते समय टूटी सांसें, सिर और शरीर पर मिले गंभीर चोट के निशान
पुलिस द्वारा लहूलुहान हालत में घायल बुजुर्ग दंपती को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक परीक्षण में मृतक दम्पति के सिर और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर गंभीर अंदरूनी चोटों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं। पुलिस द्वारा कराए गए दोनों आरोपियों के मेडिकल परीक्षण में शराब के नशे की पुष्टि हो चुकी है, जबकि मौत के असल और सटीक कारणों की पुष्टि के लिए विधिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
शराब के नशे में घर लौटे थे आरोपी, जरा सी डांट पर हो गए खूनी दरिंदे
मृतक दम्पती के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने वाली उनकी बेटी ज्योति ने रोते हुए बताया कि दोनों भाई सोमवार की रात अत्यधिक शराब के नशे में धुत होकर घर लौटे थे। उन्हें बहुत ज्यादा नशा हो रहा था, जिसे देखकर उनके पिता गंगाशरण ने उन्हें डांट दिया। पिता की यह मामूली डांट उन दोनों को नागवार गुजरी और वे गुस्से में आकर पहले अपने पिता से उलझ पड़े। जब बीच-बचाव करने के लिए उनकी मां विमलेश बीच में आईं, तो उन दोनों ने बेरहमी से अपनी मां पर भी हमला बोल दिया।
आरोपियों ने जमीन पर गिर जाने के बाद भी अपने वृद्ध माता-पिता को लात-घूंसों से अत्यंत बुरी तरह पीटा और उनके सिर पर किसी भारी चीज से प्रहार किया। हद तो तब हो गई जब माता-पिता अनाथों की तरह बेसुध पड़े थे और बोल भी नहीं पा रहे थे, तब भी ये दोनों हैवान लगातार उन्हें गालियां दे रहे थे। हालांकि, पुलिस को मौके पर तलाशी के दौरान कोई भारी हथियार या वस्तु बरामद नहीं हुई है।
जिस बेटे की लंबी उम्र के लिए कराया था कीर्तन, वही बन गया माता-पिता का काल
परिजनों और आसपास के लोगों ने बताया कि गंगाशरण और विमलेश दोनों ही अपने दोनों बेटों से असीम स्नेह करते थे। उनकी हर छोटी-बड़ी जरूरत को पूरा करना और उनकी तमाम गलत आदतों के बावजूद उन्हें सुधारने की हरसंभव कोशिश करना उनका रोज का नियम था।
घटना से ठीक पहले, यानी 20 जुलाई को ही उन्होंने अपने बड़े बेटे ललित का जन्मदिन बहुत ही धूमधाम से मनाया था, उसकी लंबी उम्र और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए घर पर विशेष कीर्तन का आयोजन करवाया था। लेकिन किसे पता था कि जिस बेटे के जीवन के लिए माता-पिता भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं, वही रात ढलते-ढलते अपने छोटे भाई के साथ मिलकर खुद अपने माता-पिता के लिए काल बन जाएगा। मंगलवार को पूरे क्षेत्र में बस यही चर्चा दबी जुबान से चल रही थी कि जिन संतानों के लिए इस बुजुर्ग जोड़े ने अपनी पूरी जिंदगी खपा दी, आखिर वही कल के सूरज को देखने से पहले उनकी मौत का कारण कैसे बन गए।


