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    किसानों के लिए खास दिन, श्योपुर में आज बलराम कृषि महोत्सव को CM मोहन यादव करेंगे संबोधित

    श्योपुर| मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार 'किसान कल्याण वर्ष' के अंतर्गत मध्य प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में अब चंबल संभाग के तीन जिलों में इस महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इसके तहत 2 सितंबर को श्योपुर, 4 सितंबर को मुरैना और 5 सितंबर को भिंड में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव श्योपुर में आयोजित बलराम महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे।

    सिंचाई, उद्यानिकी और दुग्ध उत्पादन का बड़ा लक्ष्य

    राज्य सरकार द्वारा अन्नदाता किसानों की समृद्धि के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक राज्य में 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित करने तथा उद्यानिकी उत्पादन को 490 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन 50 लाख लीटर दुग्ध संकलन का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे 5,562 दुग्ध समितियों के 83 हजार सदस्यों को सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

    वित्तीय सहायता और बिजली सब्सिडी

    किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से पीएम किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के जरिए पात्र कृषकों को वार्षिक 12 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। सिंचाई सुविधाओं को सुलभ बनाने के लिए ₹5 में बिजली का स्थायी कनेक्शन दिया जा रहा है, साथ ही 10 हॉर्स पावर तक के बिजली पंपों पर सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।

    सौर ऊर्जा और कृषि उद्योगों को बढ़ावा

    पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत राज्य के 32 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 60 प्रतिशत तक की प्रोत्साहन राशि और कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना पर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है।

    भूमि अधिग्रहण मुआवजा और फसल ऋण योजना

    कृषि भूमि के अधिग्रहण की स्थिति में किसानों को 4 गुना मुआवजा देने का महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। साथ ही, किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर फसल ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसे चुकाने के लिए एक वर्ष का समय मिलता है। राज्य सरकार ने मत्स्य पालन एवं इसके निर्यात के क्षेत्र में 6 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे प्रदेश में 12,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की संभावना है।

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