जबलपुर: पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर रेल मंडल ने सामाजिक सरोकार की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत जबलपुर रेल मंडल की सांस्कृतिक अकादमी के प्रतिभावान कलाकारों द्वारा मुख्य रेलवे स्टेशन के परिसर में एक बेहद प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। इस जीवंत और कलात्मक प्रस्तुति के माध्यम से वहां मौजूद सैकड़ों रेल यात्रियों, कुलियों और रेल कर्मचारियों को नशे की लत से होने वाले भयानक कुप्रभावों और पारिवारिक सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार हुई जनहितैषी रूपरेखा
इस पूरे जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कमल कुमार तलरेजा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी वरुण चतुर्वेदी एवं सहायक कार्मिक अधिकारी शची पति नंदन के कुशल मार्गदर्शन और प्रेरणा से किया गया। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य स्टेशन जैसे सार्वजनिक और व्यस्ततम स्थल का उपयोग करके समाज के हर वर्ग तक नशे के खिलाफ एक कड़ा और सुस्पष्ट संदेश पहुंचाना था, ताकि लोग इस सामाजिक बुराई से दूरी बना सकें।
कलाकारों के सजीव अभिनय ने बांधा समां, स्टेशन पर जुटी भारी भीड़
स्टेशन परिसर के मुख्य प्लेटफॉर्म पर जब सांस्कृतिक अकादमी के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति शुरू की, तो देखते ही देखते यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। नाटक में शामिल मुख्य कलाकार आत्मानंद श्रीवास्तव, अनिल पाली, रजनीश यादव, ज्ञानेश पसारिए, पूजा बिष्ट, दुर्गेश ठाकुर और मयंक द्विवेदी ने अपने सजीव अभिनय, दमदार संवादों और मर्मस्पर्शी दृश्यों के जरिए समाज में फैल रहे नशे के जाल को बखूबी दर्शाया। कलाकारों ने दिखाया कि कैसे नशा न सिर्फ एक हंसते-खेलते इंसान को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे परिवार को लाचारी के दलदल में धकेल देता है।
यात्रियों ने की मुक्त कंठ से सराहना, अधिकारी भी रहे मौजूद
ट्रेन पकड़ने आए और सफर कर रहे तमाम मुसाफिरों ने रेलवे की इस अनूठी पहल और कलाकारों के अभिनय कौशल की तालियां बजाकर जमकर सराहना की। कई यात्रियों का कहना था कि इस तरह के नाटक सीधे आम जनमानस के दिल को छूते हैं और युवाओं को सही राह दिखाने में मददगार साबित होते हैं। इस विशेष और सफल आयोजन के दौरान रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी संजीव सिंह एवं रविंद्र त्रिपाठी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।


