वाराणसी : सारनाथ क्षेत्र में स्थित एक निजी नर्सिंग कॉलेज की जीएनएम (GNM) द्वितीय वर्ष की छात्रा की बुधवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। छात्रा का लहूलुहान शव कॉलेज के बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर पड़ा मिला। शरीर पर खून के निशान होने के कारण शुरुआती तौर पर दुष्कर्म की आशंका जताई गई है। मृतका के पिता पुलिस विभाग में कार्यरत हैं और उनका परिवार मूल रूप से बलिया का रहने वाला है।
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए छात्रा के एक सहपाठी को हिरासत में लिया है, जो जौनपुर का निवासी है। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, दोनों के बीच करीबी संबंध थे। यह बात सामने आई है कि छात्रा गर्भवती थी और उसका गर्भपात (एबॉर्शन) कराया गया था। अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने की वजह से उसकी जान जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कॉलेज परिसर के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं।
स्वास्थ्य शिविर का बहाना बनाकर निकली थी घर से
मृतका का परिवार सारनाथ थाना क्षेत्र की ही एक कॉलोनी में रहता है। गर्मी की छुट्टियां होने के कारण पिछले दो दिनों से कॉलेज बंद था, लेकिन बुधवार सुबह छात्रा यह कहकर घर से निकली कि कॉलेज की तरफ से एक गांव में स्वास्थ्य शिविर (हेल्थ कैंप) लगाया गया है।
उसने अपनी मां को बताया था कि वह पहले अपनी सहेली के घर जाएगी और फिर वहां से कैंप के लिए रवाना होगी। वह अपने साथ दो लोगों के खाने का टिफिन भी लेकर गई थी।
इलेक्ट्रिशियन ने सबसे पहले देखा, मोबाइल गायब
सुबह करीब 9 बजे कॉलेज के एक इलेक्ट्रिशियन ने बॉयज हॉस्टल की सीढ़ियों पर छात्रा को लहूलुहान हालत में देखा। उसने तुरंत शोर मचाकर सुरक्षाकर्मियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने सारनाथ पुलिस को सूचित किया।
सुरक्षाकर्मियों ने छात्रा को तुरंत परिसर के भीतर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए सीपीआर (CPR) भी दिया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को जांच के दौरान छात्रा के बैग से टिफिन और एप्रन तो मिला, लेकिन उसका मोबाइल फोन गायब था, जिसकी तलाश की जा रही है।
पोस्टमार्टम की कराई गई वीडियोग्राफी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी भी की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि कॉलेज बंद होने के बावजूद छात्रा बॉयज हॉस्टल क्यों गई थी और वह टिफिन किसके लिए लेकर आई थी। इसके लिए फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाले जा रहे हैं।
सात महीने पहले भी हुआ था गर्भपात; सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
पूछताछ में सामने आया है कि हिरासत में लिया गया छात्र पिछले डेढ़ साल से छात्रा के संपर्क में था। करीब सात महीने पहले भी छात्रा का एक बार गर्भपात कराया गया था। इसके अलावा, मृतका का ब्लड प्रेशर अक्सर लो रहता था, जिसके कारण वह पहले भी कई बार कॉलेज में बेहोश हो चुकी थी। सीसीटीवी फुटेज से पुष्टि हुई है कि बुधवार सुबह छात्रा सीधे बॉयज हॉस्टल गई थी, जहां वह छात्र पहले से रुका हुआ था। इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन पर भी करीब एक घंटे तक जानकारी छिपाने का आरोप लगा है।
कॉलेज में निजी सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद एक छात्रा का बॉयज हॉस्टल के भीतर तक पहुंच जाना और वार्डन या किसी अन्य कर्मचारी का इस पर ध्यान न देना, कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस को छात्रा के बैग से कुछ दर्द निवारक (पेनकिलर) दवाइयां भी मिली हैं।
हिरासत में लिए गए युवक के फोन से मिले साक्ष्य
पुलिस ने हिरासत में लिए गए छात्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जिसमें दोनों के कई फोटो, वीडियो और चैट मिले हैं, जो उनके आपसी संबंधों की पुष्टि करते हैं। पुलिस अब कॉलेज के अन्य छात्र-छात्राओं से भी पूछताछ कर रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की दो टीमें प्रेम प्रसंग सहित सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही हैं। परिजनों से मिलने वाली तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


