उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन के ऐतिहासिक रामघाट पर आयोजित भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान एक दुखद हादसा सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर क्षिप्रा नदी के तट पर लाखों दीपक जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान रामघाट पर मौजूद एक 12 वर्षीय बटुक दीपक की लौ से गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे उपचार के लिए तत्काल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
दीपक जलाते समय धोती में लगी आग, हाथ-पैर झुलसे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांड्याखेड़ी स्थित मणिमहेश गुरुकुल का 12 वर्षीय छात्र मयंक दवे अपने करीब 30 सहपाठियों के साथ दीपोत्सव में सहभागिता करने पहुँचा था। शाम के समय जब छात्र नदी तट पर दीपक प्रज्वलित कर रहे थे, तभी अचानक दीपक की लौ से मयंक की धोती में आग लग गई। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बच्चे का एक पैर तथा हाथ व हथेली आग की चपेट में आने से झुलस गए।
परिजनों ने लगाया अनुमति न लेने और इलाज में देरी का आरोप
घटना के उपरांत बालक को उपचार के लिए चरक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां परिजनों ने व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि बच्चे को आयोजन में ले जाने से पूर्व उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल पहुंचने के बाद भी चिकित्सकों के देर से आने का आरोप लगाया। पीड़ित पिता ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए शासन-प्रशासन से बच्चे के समुचित इलाज और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
कलेक्टर ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने संज्ञान लिया है। उन्होंने चरक अस्पताल प्रबंधन को पीड़ित बालक का पूर्ण ध्यान रखने और त्वरित व उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन की ओर से बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


