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    आचार्य पुलक सागर जी महाराज का 31वां दीक्षा दिवस: जयपुर में भक्ति और सेवा के कार्यक्रम

    आचार्य पुलक सागर जी महाराज का 31वां दीक्षा दिवस गायत्री नगर जयपुर में भक्तिभाव से मनाया गया

    मिशनसच न्यूज, जयपुर। परम पूज्य भारत गौरव, राष्ट्र संत आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज के 31वें दीक्षा दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर में दो दिवसीय भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पुलक मंच गायत्री नगर महारानी फार्म के तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन का प्रथम दिवस 11 दिसंबर को श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म की अद्भुत छटा बिखेर गया।

    पहले दिन आदिनाथ भवन श्री दिगंबर जैन मंदिर, महारानी फार्म में आचार्य पुलक सिंधु विधान का आयोजन विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री के निर्देशन में अत्यंत गरिमामयी वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर गुरुदेव के उपदेशों और अध्यात्म की दिव्य साधना में डूबने का अवसर पाया।

    पुलक मंच परिवार की राष्ट्रीय महामंत्री बीना टोंग्या ने बताया कि दीक्षा दिवस के दो दिवसीय कार्यक्रम में 11 दिसंबर को पुलक सिंधु विधान आयोजित किया गया जबकि 12 दिसंबर को सीके बिड़ला हॉस्पिटल जयपुर में सुबह 10:30 बजे से ‘हेल्दी हार्ट’ विषय पर हेल्थ अवेयरनेस टॉक रखा गया है। इस वार्ता के मुख्य वक्ता कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉक्टर राहुल शर्मा होंगे, जो हृदय स्वास्थ्य और जीवनशैली से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ देंगे।

    इस अवसर पर पुलक मंच परिवार की ओर से मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष कैलाश छाबड़ा और विधानाचार्य पंडित अजीत शास्त्री का सम्मान किया गया।

    46 अर्घ्यों के साथ सम्पन्न हुआ भव्य विधान

    धार्मिक मंत्री अनीता बडजात्या ने जानकारी दी कि आचार्य पुलक सिंधु विधान में सैकड़ों महिला—पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विधान के दौरान पंच वलयों में विविध अर्घ्यों के माध्यम से पूजा सम्पन्न की गई।

    • प्रथम वलय: 3 गुप्ती और 5 पंचाचार के 8 अर्घ्य

    • द्वितीय वलय: छह आवश्यक के 6 अर्घ्य

    • तृतीय वलय: 10 लक्षण धर्म के 10 अर्घ्य

    • चतुर्थ वलय: तप के 12 अर्घ्य

    • पंचम वलय: गुरुदेव की प्रख्यात उपाधियों—भारत गौरव, राष्ट्र संत, विश्व संत, शांति दूत, कवि हृदय, मनोज्ञ मुनि, प्रखर वक्ता, वात्सल्य मूर्ति, निर्ग्रन्थ पथिक, जिनशरणं तीर्थ प्रणेता आदि—के 10 अर्घ्यों के साथ कुल 46 अर्घ्य मांडला पर चढ़ाए गए।

    पूजा विधान को मंजू सेवावाली और सुनंदा अजमेरा ने अपनी मधुर वाणी में शास्त्रीय विधि के अनुसार सम्पन्न कराया।

    सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दी उपस्थिति

    इस धार्मिक आयोजन में अनिल टोंग्या, अनिल गदिया (बयाना), उदयभान जैन—राष्ट्रीय महामंत्री युवा परिषद, कमल जैन मालपुरा, अजीत छाबड़ा, निर्मल सेठी, पुलक मंच के कोषाध्यक्ष सुरेश जैन, महामंत्री रेखा झांझरी, सुधा लुहाड़िया और संगीता जैन (डीमापुर) सहित कई श्रेष्ठीजन उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का संचालन बीना टोंग्या ने किया। आयोजन की व्यवस्था और आयोजन-शैली को श्रद्धालुओं ने उत्कृष्ट बताया और गुरुदेव के प्रति अपने समर्पण, श्रद्धा और आस्था को दोहराया।


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