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    प्रशासनिक लापरवाही की इंतहा: सरकारी कागजों में मार दिए गए 17 जिंदा वोटर, कलेक्टर सख्त

    आलीराजपुर | मध्य प्रदेश में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरा होते ही प्रशासनिक खामियां उजागर होने लगी हैं। आलीराजपुर जिले में एक ऐसा प्रकरण सामने आया है जिसने चुनावी तैयारियों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ सरकारी रिकॉर्ड में 17 जीवित मतदाताओं को मृत दर्ज कर दिया गया। इस बड़ी गड़बड़ी के सार्वजनिक होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को तत्काल प्रभाव से हटाकर जिला मुख्यालय अटैच कर दिया है।

    जांच में पुष्टि के बाद कलेक्टर की सख्ती

    निर्वाचन नामावली में हुई इस गंभीर त्रुटि के बाद जिला कलेक्टर नीतू माथुर ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे। जांच में पाया गया कि पुनरीक्षण के दौरान जमीनी हकीकत जाने बिना ही 17 लोगों के नाम विलोपित कर दिए गए। कर्तव्य में लापरवाही बरतने के कारण सीएमओ कमल मुजाल्दा को लाइन अटैच किया गया है। साथ ही, उनके विरुद्ध विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया है।

    भाजपा का अल्टीमेटम: 'दोषियों की बर्खास्तगी तक जारी रहेगी लड़ाई'

    प्रशासनिक कार्रवाई को नाकाफी बताते हुए भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष मकु परवाल ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए मांग की है कि केवल पद से हटाना काफी नहीं है, बल्कि दोषियों को निलंबित किया जाना चाहिए। भाजपा नेता ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की शरण लेंगे। इस घटना के बाद से पूरे प्रशासनिक अमले में खलबली मची हुई है।

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