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    छत्तीसगढ़-गोवा के बाद अब गुजरात की बारी? मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज

    अहमदाबाद: छत्तीसगढ़ के बाद गाेवा में मुख्यमंत्री प्रमोद सांवत के मंत्रिमंडल के फेरबदल के साथ आगे उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल में फेरबदल को हरी झंडी मिलने की चर्चा है। दो राज्यों में बदलाव होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में भी फेरबदल की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि पीएम मोदी के 25-26 अगस्त के दौरे के बाद तस्वीर साफ हो सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते अहमदाबाद में अहमदाबाद के निकाेल में एक साथ तमाम सौगातें देने के लिए आ रहे है। उनके दौरे की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। वह प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को घरों की चाबी सौंपेंगे। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि लंबे समय से मंत्री बनने की उम्मीद लगाए बैठे विधायकों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है।

    गुजरात में लंबे समय है बदलाव की चर्चा

    गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 2022 के चुनावों में प्रचंड वापसी करने के बाद 12 दिसंबर को दोबारा शपथ ली थी। तब उनकी दूसरी टीम में तीन पाटीदार और 6 नए चेहरों को जगह मिली थी। तब से गुजरात के मंत्रिमंडल में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। भूपेंद्र पटेल के मौजूदा मंत्रिमंडल में तीन पाटीदार, सात ओबीसी, दो अनुसूचित जाति और एक-एक मंत्री ब्राह्मण, जैन, राजपूत समुदाय से हैं। गुजरात के मंत्रिमंडल में कुल 16 मंत्री हैं। इनमें 8 कैबिनेट, दो स्वतंत्र प्रभार और 6 राज्य मंत्री हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों का कहना है कि जिस तरह से बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने दूसरे राज्यों में मंत्रीमंडल में बदलाव को हरी झंडी दी है। उससे यह उम्मीद जगी है कि बीजेपी स्थानीय निकाय के चुनावों को देखते हुए मंत्रिमंडल में नए समीकरण साध सकती है।
     
    बीजेपी के विधायकों की बढ़ी हैं संख्या

    बीजेपी ने 2022 के चुनावों में 182 में 156 सीटें जीती थीं, लेकिन अब यह संख्या 162 पहुंच गई है। बीजेपी के पांच विधायक बढ़ गए हैं। इनमें पांच कांग्रेस से आए नेता है जो अब बीजेपी के सिंबल पर दोबारा विधायक बन चुके हैं। चर्चा है कि इनमें से दो को मंत्री बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं निर्दलीय जीते धर्मेंद्र सिंह वाघेला भी अब बीजेपी में हैं, ऐसी चर्चा है कि वडोदरा से चूंकि कोई मंत्री नहीं है। ऐसे में वडोदरा को एक मंत्री पद मिल सकता है। कुछ और शहरों को बदलाव में तवज्जो मिल सकती है। इसका फायदा पार्टी को निगम चुनावों में मिल सकता है।

    कुछ मंत्रियों की छुट्‌टी संभव

    गांधीनगर के पॉवर कॉरीडोर में ऐसा चर्चा है कि कमजोर प्रदर्शन वाले मंत्रियों की छुट्‌टी होने की चर्चा है। कुछ मंत्रियों को विवादों में रहने के चलते भी हटाया जा सकता है। गुजरात में विपक्ष के पास कुल 18 सीटें हैं। ऐसे में बीजेपी प्रचंड तौर पर विधानसभा में मजबूत है। गुजरात में विधनसभा का मानसून सत्र 8 सितंबर से शुरू होगा। यह सत्र तीन दिन का है। ऐसे में संभावना व्यक्त की जा रही है कि अब गुजरात में जल्द कुछ फेरबदल हो सकता है। गुजरात में बीते सालों में अगस्त-सितंबर में बदलाव होते रहे हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भूपेंद्र पटेल ने 13 सितंबर, 2021 को संभाली थी। ऐसे में वह अगले महीने चार साल पूरे करेंगे।

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