More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशकूनो के बाद श्योपुर में पर्यटन को नई उड़ान, बोटिंग और हेरिटेज...

    कूनो के बाद श्योपुर में पर्यटन को नई उड़ान, बोटिंग और हेरिटेज होटल पर फोकस

    श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में चीतों के पुनर्वास से वैश्विक पटल पर चमके श्योपुर जिले में अब पर्यटन के नए आयाम स्थापित करने की कवायद तेज हो गई है। वन्यजीव पर्यटन के साथ-साथ अब यहां रोमांच (एडवेंचर) और ऐतिहासिक (हेरिटेज) पर्यटन को विकसित करने के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की एक उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा किया। टीम ने अपनी विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट सरकार और पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों को भेज दी है, जिससे जल्द ही यहां नई साहसिक गतिविधियों की शुरुआत होने के रास्ते खुल गए हैं।

    कुंवारी नदी में सालभर पानी और वाटर स्पोर्ट्स की संभावनाएं

    पर्यटन विभाग की तकनीकी टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों और वाटर स्पोर्ट्स विशेषज्ञों के साथ ग्राम इकलौद के पास स्थित श्री गोपालदास बाबा समाधि स्थल के नजदीक कुंवारी नदी का पेडल बोट के जरिए गहन निरीक्षण किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, नदी के इस हिस्से में करीब तीन से चार किलोमीटर के दायरे में 15 से 20 फीट गहरा पानी हमेशा उपलब्ध रहता है। स्थानीय निवासियों ने भी पुष्टि की है कि भीषण गर्मी के दिनों में भी यहां जलस्तर कम नहीं होता। नदी के दोनों तरफ फैली प्राकृतिक हरियाली और प्रवासी पक्षियों के बसेरे को देखते हुए इस स्थान को बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स और बर्ड वॉचिंग (पक्षी दर्शन) के लिए बेहद मुफीद माना गया है।

    पीपलबाड़ी गेट से दिल्ली-आगरा के सैलानियों का सफर होगा आसान

    कूनो नेशनल पार्क का पीपलबाड़ी प्रवेश द्वार आने वाले दिनों में पर्यटन का एक बहुत बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। ग्वालियर और मुरैना से सड़क मार्ग द्वारा यहां केवल दो से ढाई घंटे में आसानी से पहुंचा जा सकता है। इस बेहतर सड़क संपर्क के चलते दिल्ली, आगरा और जयपुर जैसे बड़े शहरों से आने वाले पर्यटक अब महज एक ही दिन में कूनो पहुंचकर चीता सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। हवाई या रेल मार्ग से सफर करने वाले देश-विदेश के सैलानियों के लिए भी यह नया रूट समय की बचत करने वाला और बेहद आरामदायक साबित होगा।

    विजयपुर किले का कायाकल्प और नया टूरिज्म सर्किट

    जिले में आने वाले सैलानियों को रोकने के लिए विजयपुर के ऐतिहासिक किले को एक भव्य हेरिटेज होटल में तब्दील करने की योजना पर काम शुरू हो गया है, जिसके लिए प्रशासन ने किला परिसर में करीब 8 हजार वर्ग मीटर की जमीन पर्यटन विभाग को सौंप दी है। इसके अलावा प्रशासन कूनो नेशनल पार्क को डोब कुंड, पातालगढ़, त्रिवेणी संगम और रामेश्वर धाम जैसे प्रसिद्ध धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों से जोड़कर एक बड़ा 'टूरिज्म सर्किट' तैयार कर रहा है। इस सर्किट के बनने से श्योपुर में पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर होटलों, गाइडों, ड्राइवरों और छोटे दुकानदारों को रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here