मुजफ्फरपुर: देशभर में हाल ही में आयोजित हुई री-नीट (Re-NEET) परीक्षा को लेकर एक बार फिर हड़कंप मच गया है। सरकार और प्रशासन द्वारा परीक्षा में गड़बड़ी और धांधली रोकने के तमाम कड़े दावों के बीच, बिहार में एक बड़े फर्जीवाड़े की आशंका गहराती जा रही है।
लखीसराय में दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा देने और एक बड़े सॉल्वर गैंग के पकड़े जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब मुजफ्फरपुर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है।
परीक्षा के दिन अचानक गायब हुए 44 मेडिकल छात्र
शुरुआती जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि परीक्षा वाले दिन, यानी 21 जून को मुजफ्फरपुर के स्थानीय श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SKMCH) के 44 मेडिकल छात्र अचानक कैंपस से गायब थे। इतनी बड़ी संख्या में मेडिकल छात्रों के लापता होने के बाद यह गंभीर आशंका जताई जा रही है कि ये छात्र किसी बड़े सॉल्वर गैंग के चंगुल में फंसे हो सकते हैं या खुद सॉल्वर बनकर परीक्षा में शामिल हुए थे।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लगाई गई थी विशेष क्लास
नियमों को ठेंगा: नीट और री-नीट जैसी बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में मेडिकल छात्रों के सॉल्वर बनने (दूसरे के स्थान पर परीक्षा देने) के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस बार प्रशासन ने बेहद कड़े इंतजाम किए थे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार के कड़े निर्देशों का पालन करते हुए परीक्षा के दिन (21 जून, रविवार) सभी मेडिकल कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए विशेष कक्षाएं (स्पेशल अटेंडेंस क्लास) रखी गई थीं। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य यही था कि कोई भी छात्र कॉलेज परिसर से बाहर न जा सके और परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली का हिस्सा न बने। इसके बावजूद, 44 छात्रों का एक साथ गायब होना सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े करता है।


