भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से हाल ही में संन्यास लेने वाले देश के अनुभवी और स्टाइलिश बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के व्यक्तित्व, कप्तानी के अंदाज और ड्रेसिंग रूम के अंदर के माहौल को लेकर कई दिलचस्प खुलासे किए हैं। रहाणे ने बताया कि मैदान के बाहर धोनी बेहद शांत, सरल और अपने सभी साथियों के लिए हमेशा सहज रूप से उपलब्ध रहने वाले इंसान थे। हालांकि, उनके कमरे से जुड़ा एक खास नियम ऐसा था, जिसका पूरी टीम अनुशासन के साथ पालन करती थी और उसका पूरा सम्मान करती थी।
'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में साझा किए अनुभव
अजिंक्य रहाणे ने ये सारी बातें हाल ही में एक पॉडकास्ट 'स्टिक टू क्रिकेट' में बातचीत के दौरान साझा कीं। गौरतलब है कि रहाणे ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत टी20, एकदिवसीय (वनडे) और टेस्ट— तीनों ही प्रारूपों में एमएस धोनी की ही कप्तानी में की थी। इसके बाद, उन्होंने साल 2023 और 2024 के दौरान इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की तरफ से खेलते हुए धोनी के साथ लंबा वक्त बिताया।
इरफान पठान के बयान के बाद चर्चा में आया था धोनी का कमरा
इससे पहले भारत के पूर्व ऑलराउंडर खिलाड़ी इरफान पठान ने भी पूर्व कप्तान धोनी के कमरे और होटल के तौर-तरीकों को लेकर एक बयान दिया था। उन्होंने टीम इंडिया से कथित तौर पर बाहर किए जाने के मामलों पर नाराजगी जताते हुए कहा था, "मुझे किसी के कमरे में जाकर हुक्का सेट करने या चापलूसी करने की आदत नहीं है… यह बात सब जानते हैं।" इरफान के उस बयान के बाद क्रिकेट गलियारों में काफी विवाद और चर्चाएं शुरू हो गई थीं। अब इसी सिलसिले में अजिंक्य रहाणे ने धोनी के कमरे और वहां के माहौल की वास्तविक सच्चाई बयां की है।
धोनी का कमरा हमेशा रहता था खुला, पर एक थी शर्त
इरफान पठान के दावों से इतर बात रखते हुए रहाणे ने स्पष्ट किया कि टीम के खिलाड़ी अक्सर फुर्सत के पलों में धोनी के कमरे में इकट्ठा होकर समय बिताया करते थे और कई बार तो पूरी टीम भी वहीं मौजूद होती थी। रहाणे ने कहा, "धोनी भाई स्वभाव से बेहद शांत और सरल इंसान हैं। उनका कमरा लगभग हमेशा सभी खिलाड़ियों के लिए खुला रहता था। कई बार तो 10 से 15 खिलाड़ी, और कभी-कभी पूरी टीम भी उनके कमरे में बैठी होती थी। लेकिन, उस नियम का सब सम्मान करते थे कि जब उनका दरवाजा बंद होता था, तब किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं होती थी।"
सोशल मीडिया से दूरी बनाने की वजह भी की साझा
इंटरव्यू के दौरान अजिंक्य रहाणे ने अपने निजी जीवन और एकाग्रता से जुड़ा एक बड़ा राज खोलते हुए बताया कि वे किसी भी महत्वपूर्ण सीरीज या टूर्नामेंट के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बना लेते हैं। इसके लिए वे अपने मोबाइल फोन से तमाम सोशल मीडिया एप्लीकेशन (Apps) तक डिलीट कर देते हैं, ताकि उनका पूरा फोकस सिर्फ और सिर्फ अपने खेल पर केंद्रित रहे। उन्होंने कहा, "सीरीज के दौरान मैं सारे सोशल मीडिया ऐप्स हटा देता हूँ। यह किसी के कहने पर नहीं, बल्कि मैंने खुद के लिए एक सख्त नियम बनाया हुआ है।"
बेन स्टोक्स की सलाह ने बदली रहाणे की सोच
रहाणे ने आगे खुलासा किया कि वर्ष 2017 में आईपीएल के दौरान इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर बेन स्टोक्स ने उन्हें सोशल मीडिया से दूर रहने की एक बेहतरीन सलाह दी थी, जिसके बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने बताया, "मुझे अच्छी तरह याद है कि 2017 के आईपीएल में बेन स्टोक्स ने मुझे सलाह दी थी कि सोशल मीडिया से दूर रहना मानसिक शांति के लिए बहुत जरूरी है। इसके बाद मैंने अपनी एक नई दिनचर्या बना ली। मैच के बाद कमरे में लौटने पर नेटफ्लिक्स या अन्य किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कुछ देखना, कोई अच्छी किताब पढ़ना, अपने परिवार से बात करना और अगले दिन के लिए अपने कपड़े तैयार करना मुझे मानसिक रूप से एकदम तरोताजा रखता है।"
दो दशक लंबे शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत
बता दें कि पिछले सप्ताह ही अजिंक्य रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का विधिवत ऐलान किया। भारत के लिए खेलते हुए उन्होंने अपने करियर में 85 टेस्ट मैचों में 5077 रन बनाए, जिसमें 12 शानदार शतक और 26 अर्धशतक शामिल रहे। इसके अलावा उन्होंने 90 वनडे मैचों में 2962 रन और 20 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 375 रन अपने नाम किए। रहाणे का यह करीब दो दशक लंबा सफर भारतीय क्रिकेट के इतिहास का एक अत्यंत स्वर्णिम और महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।


