More
    Homeराज्ययूपीधर्मांतरण गैंग का जाल, दो बहनों के बाद अब CA छात्रा का...

    धर्मांतरण गैंग का जाल, दो बहनों के बाद अब CA छात्रा का भी ब्रेनवॉश

    आगरा|आगरा के सदर थाना क्षेत्र की दो बहनों के धर्मांतरण के मामले में गिरोह पकड़ा गया था। करीब नौ महीने बाद अब एक और पीड़िता सामने आई है। राजस्थान की सीए कर रही छात्रा ने गिरोह के खिलाफ बयान दिए हैं। उसका भी ब्रेनवाश कर धर्मांतरण की तैयारी थी। इससे पहले ही गिरोह का खुलासा हो गया। इससे वह बच गई। वह आरोपियों पर सख्त कार्रवाई चाहती है।

    सदर की सगी बहनों का अपहरण के मामले में पुलिस ने जुलाई 2025 में कार्रवाई की थी। छह राज्यों में एक साथ दबिश देकर 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य इलाके तपसिया से दोनों बहनों को मुक्त कराया गया था। उन्हें कश्मीरी युवतियों ने जाल में फंसाया था। उनका ब्रेनवाश किया गया था।
     
    धर्मांतरण के लिए दिल्ली से कोलकाता ले जाया गया। परिजन की शिकायत पर पुलिस तलाश में लगी थी। पुलिस ने पीड़िताओं की तलाश की थी। छह युवतियों के कोर्ट में बयान कराए गए थे। अलग-अलग प्रदेश और जिलों की युवतियां गैंग के निशाने पर थीं। एडीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल और सोशल मीडिया एकाउंट की लगातार जांच की जा रही है।

    इसमें ही राजस्थान के डीडवाना कुचामन की युवती का नाम सामने आया। वह गिरोह के संपर्क में थी। उसे गिरफ्तार आरोपी गोवा की आयशा ने सोशल मीडिया की मदद से अपने जाल में फंसाया था। युवती सीए की पढ़ाई कर रही है। आयशा ने उसका ब्रेनवाश किया था। उसके खाते में रकम भी ट्रांसफर की गई थी। उसे जयपुर से दिल्ली भेजा जाना था। वहां पर कलमा पढ़ाने के साथ कोलकाता भेज दिया जाता। मगर इससे पहले ही गिरोह को पकड़ लिया गया। युवती के बारे में जानकारी मिलने पर परिजन से संपर्क किया गया। इससे वह भी परेशान हो गए।

    पुलिस ने की काउंसलिंग, तब दिए बयान

    एडीसीपी ने बताया कि युवती का ब्रेनवाश कर दिया था। वह भी सदर की बहनों की तरह जा सकती थी। गिरोह के पकड़े जाने के बाद युवती की काउंसलिंग की गई। पुलिस ने परिजन से भी बात की। परिजन पहले सामने नहीं आना चाहते थे। उन्हें लग रहा था कि वह पुलिस के पास जाएंगे तो किसी मुसीबत में पड़ जाएंगे। मगर हाल में कई सारी घटनाएं धर्मांतरण की सामने आईं। इस पर युवती तैयार हो गई। वह बुधवार को परिजन के साथ पुलिस के पास आई। पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। यह केस में आरोपियों को सजा दिलाने में अहम साबित होंगे।

    कनाडा में छिपा सरगना सय्यद दाउद

    धर्मांतरण गैंग में विदेशी फंडिंग का काम करने वाला भोपाल का निवासी सय्यद दाउद अब तक पुलिस के हाथ नहीं आ सका है। उसके घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा कराया गया था। इसके बावजूद वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। आरोपी पाकिस्तानी लोगों के संपर्क में था। कनाडा में रहकर गैंग के सदस्यों को निर्देश भी देता था। न्यायालय का आदेश नहीं मानने पर विवेचक ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि जल्द ही कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

    आतंकी कनेक्शन भी आया था सामने

    पुलिस ने धर्मांतरण के मामले में रहमान कुरैशी, अब्बू तालिब, आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, अली हसन उर्फ शेखर, ओसामा, अबुर्रहमान, मोहम्मद अली, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा उर्फ मनोज, मोहम्मद इब्राहिम, अब्दुल रहमान सहित 14 की गिरफ्तारी की गई थी। कई और नाम सामने आए थे। इसके अलावा यह भी पता चला था कि गिरोह मानव अंगों की तस्करी भी करता है। मानव तस्करी के भी साक्ष्य मिले थे। हालांकि अभी जांच जारी है। आतंकी कनेक्शन भी सामने आया था। हाल में पुलिस एक आरोपी को दूसरे राज्य से आगरा लेकर भी आई थी। उससे पूछताछ की की गई थी।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here