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    अखिलेश का हमला, चुनाव जीते जाते हैं, हारे जाते हैं, लेकिन चुनाव आयोग का काम है निष्पक्ष रहना

    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान कहा कि अभी बीजेपी के सदस्य यूपी के चुनाव पर भी बोल रहे थे। मैं कहना चाहूंगा कि उपचुनाव में निष्पक्ष कार्यवाही कहीं भी देखने को नहीं मिली। रामपुर उपचुनाव में मुख्यमंत्री और बीजेपी नेतृत्व ने तय किया था कि यहां से बीजेपी जीतेगी। इतना ही नहीं वोटिंग के दिन सभी ने देखा कि किस तरह से पुलिस-प्रशासन इस बात पर लगा था कि कोई वोटर घर से न निकले। पहली बार बीजेपी वहां से लोकसभा चुनाव जीती। एक-एक घटना की सूचना हमारी पार्टी ने चुनाव आयोग को दी है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव आयोग ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जब हम समझ गए कि चुनाव आयोग पूर्वाग्रह से ग्रसित है। चुनाव जीते जाते हैं, हारे जाते हैं, लेकिन चुनाव आयोग का काम है निष्पक्ष रहना। एक समय था जब कांग्रेस से लड़ते थे, आज आपसे लड़ रहे हैं। एक वक्त था जब हम पांच सांसद की पार्टी थे, आज यूपी में सबसे बड़ी पार्टी हैं। 
    अखिलेश यादव ने कहा कि सुधार की यह प्रक्रिया चुनाव आयोग से ही शुरू होना चाहिए। चंडीगढ़ जैसी वोट चोरी पर, बंदूक की नोंक पर वोट देने से रोकने पर, एफिडेविट की रसीद होने के बावजूद मिलने से इंकार पर, एक वोटर के कई वोट डालने पर, इन सभी पर रोक लगाना चाहिए। एक देश एक चुनाव के साथ मतदाता सूची एक होने पर कहूंगा कि यूपी में आधार जैसे कार्ड को मान ही नहीं रहे। ये एसआईआर नहीं है, अंदर ही अंदर एनआरसी वाला काम किया जा रहा हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी कह रहे हैं कि हम डिटेंशन सेंटर बना रहे हैं। लोकतंत्र में फिर से भरोसा जगाया जाए, ईवीएम हटाकर बैलट से चुनाव कराए जाएं।
    सपा सांसाद अखिलेश यादव ने सीईसी की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की कांग्रेस की मांग का समर्थन कर कहा कि बैलट से वोटिंग होनी चाहिए। जो लोग आज तकनीक की दुहाई दे रहे हैं, वे देख लें कि तकनीकी में जापान-जर्मनी जैसे देश कहां खड़े हैं और भारत कहां खड़ा है। जब जापान-जर्मनी जैसे दुनिया के आधुनिक देश बैलट से वोटिंग करा सकते हैं, तब हम क्यों नहीं कर सकते है। अखिलेश ने एसआईआर पर कहा कि यूपी में 10 लोगों की जान जा चुकी है। नौ बीएलओ की हमारे पास सूची है। इन 9 में से कुछ के नाम गिनाकर अखिलेश ने कहा, मुरादाबाद में बीएलओ सर्वेश सिंह ने फांसी लगा ली। बिजनौर में बीएलपी शोभा रानी को हार्ट अटैक आ गया था। देवरिया में बीएलओ लेखपाल आशीष की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ी।  कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। फतेहपुर में लेखपाल सुधीर कुमार ने शादी के एक दिन पहले फांसी लगा ली।

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