धीमी और उछाल भरी अनपेक्षित पिच, डेथ ओवरों की गेंदबाजी में रणनीतिक चूक और आखिरी के दो ओवरों में अत्यधिक रन लुटाना— यही वो मुख्य वजहें रहीं जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम का लगातार 12 सीरीज या टूर्नामेंट जीतने का ऐतिहासिक विजय रथ थम गया है। हालांकि, इस झटके के बावजूद मेन इन ब्लू के पास लगातार 16 द्विपक्षीय टी20 सीरीज या टूर्नामेंट में अजेय (न हारने) रहने के अपने एक और विशाल कीर्तिमान को सुरक्षित रखने का अंतिम मौका बचा हुआ है। भारत और आयरलैंड के बीच रविवार को इस लघु सीरीज का दूसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम फिलहाल सीरीज में 0-1 से पिछड़ रही है, ऐसे में उसकी पूरी कोशिश पलटवार करते हुए सीरीज को 1-1 की बराबरी पर समाप्त करने की होगी।
मुख्य कोच गंभीर के कार्यकाल पर दबाव, हार के तुरंत बाद आयोजित हुआ नेट सेशन
भारतीय टीम के नवनियुक्त मुख्य कोच गौतम गंभीर के लिए यह मुकाबला निजी तौर पर भी बेहद महत्वपूर्ण है। हाल ही में उनके मार्गदर्शन में भारतीय टीम को अपनी सरजमीं पर पहली बार टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप जैसी करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जिसने घरेलू मैदानों पर पिछले 12 वर्षों से चले आ रहे भारत के दबदबे को तोड़ दिया था। गंभीर अपने कोचिंग करियर की शुरुआत में ही सीमित ओवरों के क्रिकेट में आयरलैंड जैसी छोटी टीम के खिलाफ सीरीज हारने का एक और बड़ा दाग अपने दामन पर नहीं देखना चाहेंगे। यही कारण है कि दोनों मुकाबलों के बीच महज 24 घंटे से थोड़ा अधिक का फासला होने के बावजूद, गंभीर ने खिलाड़ियों को आराम देने के बजाय मैदान पर एक कड़ा वैकल्पिक नेट सत्र (प्रैक्टिस सेशन) आयोजित करने का फैसला किया, जहां खिलाड़ियों ने अपनी कमियों को दूर करने के लिए घंटों पसीना बहाया।
इतिहास रचने की दहलीज पर आयरलैंड, घरेलू परिस्थितियों का मिला जबरदस्त फायदा
दूसरी ओर, भारत जैसी दो बार की विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ अपने क्रिकेट इतिहास की पहली अंतरराष्ट्रीय जीत का जश्न मना रही मेजबान आयरिश टीम के हौसले सातवें आसमान पर हैं। आयरलैंड की टीम अब इस सुनहरे मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती और उसका सपना भारत को सीरीज में हराकर इतिहास रचना है। यदि आयरिश टीम रविवार को यह मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो साल 2022 की शुरुआत में वेस्टइंडीज को उनके घर में वनडे सीरीज में 2-1 से मात देने के बाद द्विपक्षीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में यह उनकी अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सीरीज जीत मानी जाएगी।
दिलचस्प आंकड़ा यह भी है कि दो साल पहले वेस्टइंडीज को धूल चटाने वाली आयरिश टीम के केवल चार अनुभवी खिलाड़ी ही शुक्रवार को भारत के खिलाफ मैदान पर उतरे थे, जिससे साफ है कि उनकी युवा ब्रिगेड भी बेहद खतरनाक है। घरेलू पिचों और मौसम की बेहतर समझ आयरलैंड के लिए पहले मैच में टर्निंग प्वाइंट साबित हुई थी। वहीं, टी20 की मौजूदा विश्व चैंपियन भारतीय टीम अपनी साख बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी और यह साबित करना चाहेगी कि पहले मैच की हार महज एक खराब दिन का नतीजा थी।
गेंदबाजी रणनीति में आमूलचूल बदलाव की जरूरत, वाशिंगटन सुंदर पर लटकी तलवार
भारतीय टीम मैनेजमेंट अगले मुकाबले में अपने गेंदबाजी आक्रमण में बड़े और कड़े सुधार के इरादे से रणनीति तैयार कर रहा है। हालांकि, पिछले मैच में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत बेहद आक्रामक की थी और महज 30 रनों के कुल योग पर आयरलैंड के तीन शीर्ष बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था, लेकिन मध्यक्रम के ओवरों में वे इस दबाव को बरकरार रखने में नाकाम रहे। चूंकि दूसरे मैच में भी बेलफास्ट की पिच का मिजाज समान रहने की उम्मीद है, इसलिए गेंदबाजों को अपनी लाइन-लेंथ में कड़ा अनुशासन दिखाना होगा।
आयरलैंड की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों (Left-Handers) की कमी को देखते हुए और भारत के शीर्ष 5 बल्लेबाजों में कोई जगह खाली न होने के कारण ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर का प्लेइंग इलेवन में चयन पहले से ही एक बड़ा जोखिम माना जा रहा था। हालांकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में गुजरात टाइटंस के लिए नंबर चार पर बल्लेबाजी करते हुए शानदार रन बनाए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे इस लय को नहीं भुना पाए। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि आक्रामक बल्लेबाज सूर्यांश शेडगे को मध्यक्रम को मजबूती देने के लिए वाशिंगटन सुंदर की जगह अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है।
कप्तान श्रेयस अय्यर के फैसलों की तीखी आलोचना, कप्तानी की अग्निपरीक्षा
पहले मैच में मिली अप्रत्याशित हार के बाद कार्यवाहक कप्तान श्रेयस अय्यर के ऑन-फील्ड फैसलों, टीम चयन और गेंदबाजों के रोटेशन की रणनीति पर खेल विशेषज्ञों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। मैच के सबसे नाजुक मोड़ यानी 16वें ओवर में, जब क्रीज पर दो सेट दाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद थे और तेज गेंदबाजों का ओवर बचा हुआ था, तब अय्यर ने पहली बार गेंद ऑफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर को सौंप दी। यह कप्तान का एक आत्मघाती फैसला साबित हुआ और इसी ओवर में आयरिश बल्लेबाजों ने लंबे शॉट्स खेलकर मैच का रुख पूरी तरह अपनी ओर मोड़ लिया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रविवार को होने वाले नॉकआउट जैसे इस मुकाबले में कप्तान अय्यर अपनी पुरानी रणनीतिक गलतियों से सीखकर किस तरह की कप्तानी करते हैं।
15 वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू की मांग तेज
भारतीय टीम ने पहले मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में 15 साल के युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी को शामिल न करके सबको हैरान किया था। इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी को बेंच पर बैठाने को लेकर सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में टीम मैनेजमेंट की काफी आलोचना भी हुई थी। अब जब भारतीय टीम को पहले मैच में हार का सामना करना पड़ा है, तो एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका देने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, क्रिकेट पंडितों का मानना है कि इस बात की संभावना बेहद कम है कि रविवार के करो या मरो वाले मुकाबले में वैभव को डेब्यू का चांस मिले, क्योंकि भारतीय टीम प्रबंधन आमतौर पर एक हार के बाद अपने स्थापित शीर्ष क्रम (Top Order) में तुरंत बदलाव करने से बचता है। इसका सीधा मतलब यह है कि युवा वैभव को अंतरराष्ट्रीय कैप पहनने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।
इस महामुकाबले के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11 इस प्रकार है:
भारतीय टीम: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, सूर्यांश शेडगे/वाशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा और प्रिंस यादव।
आयरलैंड की टीम: टिम टेक्टर, रॉय एडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (कप्तान और विकेटकीपर), बेन कैलिट्ज, गारेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, मैथ्यू हम्फ्रे, मैट होलार्ड, लियाम मैकार्थी और जय मूंदड़ा।


