जम्मू: दक्षिण कश्मीर के हिमालयी क्षेत्र में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा का औपचारिक आगाज हो चुका है। जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को जम्मू बेस कैंप से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। करीब 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस साल यह पावन यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त (रक्षाबंधन) तक चलेगी, जिसमें दो पारंपरिक रास्तों—अनंतनाग के 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल के 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग—का उपयोग किया जाएगा।
नेताओं ने दी शुभकामनाएं, रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद
इस पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जुगल किशोर शर्मा ने अमरनाथ यात्रा को देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं के अटूट उत्साह की सराहना करते हुए यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन की कामना की। वहीं, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता सुनील शर्मा ने भी तीर्थयात्रियों को बधाई दी। उन्होंने भरोसा जताया कि जम्मू-कश्मीर श्राइन बोर्ड द्वारा किए गए बेहतरीन इंतजामों के कारण श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुविधाओं में सुधार के चलते इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
घाटी में गूंजा 'बम बम भोले', सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
यात्रा की शुरुआत से पहले ही कश्मीर घाटी के बालटाल और पहलगाम बेस कैंपों में 'बम बम भोले' के जयकारों के साथ उत्सव का माहौल देखा गया। भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने कड़े बंदोबस्त किए हैं। आधिकारिक रवानगी से कुछ समय पहले सीआरपीएफ (CRPF) की 137वीं बटालियन ने के9 (K9) श्वान दस्ते के साथ मिलकर उधमपुर में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गहन चेकिंग अभियान चलाया।
सुरक्षा बलों की मॉक ड्रिल और त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा
संभावित खतरों से निपटने और यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए सुरक्षा बलों ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। इसी सिलसिले में जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने संयुक्त रूप से श्रीनगर के पंथा चौक स्थित नए यात्री निवास (श्री प्रेम गर्ग भवन) में एक आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया। पूरे यात्रा मार्ग पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है ताकि देश के इस प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजन को बिना किसी बाधा के संपन्न कराया जा सके।


