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    गन्ना आंदोलन के बीच सरकार ने बढ़ाया खरीद भाव, किसानों को अब मिलेंगे ₹425 प्रति क्विंटल

    रायपुर: गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य तथा किसानों की विभिन्न अन्य मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में चलाए गए जोरदार आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने गन्ना खरीदी की दर को बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 10 अक्टूबर को देर रात किसान संघ के प्रमुख प्रतिनिधिमंडल के साथ लंबी चर्चा करने के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सबसे खास बात यह है कि आगामी पेराई सत्र 2025-26 के दौरान खरीदे जाने वाले गन्ने का पूरा भुगतान भी इसी बढ़ी हुई नई दर के आधार पर ही किया जाएगा।

    8 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ प्रदेशभर में किसानों का व्यापक प्रदर्शन

    आपको बता दें कि गत 8 अक्टूबर को भारतीय किसान संघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ प्रदेशभर में किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया था। विशेष तौर पर कबीरधाम जिले में किसानों ने विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर सड़कों पर प्रदर्शन किया था और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा चक्काजाम भी कर दिया था।

    चक्काजाम के कारण यातायात हुआ प्रभावित और आमजन को हुई परेशानी

    किसानों के इस उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया था, जिसके चलते आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। किसानों की इन प्रमुख और मुख्य मांगों में गन्ने के समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी करने, पुराना बकाया भुगतान जल्द से जल्द जारी करने तथा खेती-किसानी से जुड़ी अन्य गंभीर समस्याओं का त्वरित समाधान शामिल था।

    किसान संघ की औपचारिक प्रतिक्रिया का अभी भी किया जा रहा है इंतजार

    राज्य सरकार के इस बड़े फैसले से राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक राहत मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, सरकार के इस निर्णय पर भारतीय किसान संघ के स्थानीय पदाधिकारियों और नेताओं की ओर से फिलहाल कोई नया आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि किसान संगठन सरकार के इस फैसले को अपनी मांगों के अनुरूप कितना पर्याप्त मानता है और इस आंदोलन से जुड़ी अपनी बाकी की अन्य मांगों पर उनका अगला रुख क्या रहता है।

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