More
    Homeराज्यमध्यप्रदेशसीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक निकलेगी 11 किमी की कांवड़ यात्रा,...

    सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक निकलेगी 11 किमी की कांवड़ यात्रा, भक्तों का लगा तांता

    सीहोर: मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में मंगलवार को आस्था का अद्भुत जनसैलाब उमड़ पड़ा। मशहूर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की मौजूदगी में सीवन नदी के तट से 11 किलोमीटर लंबी भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है। श्रद्धालु सीवन नदी से पवित्र जल भरकर पदयात्रा करते हुए कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे।

    देशभर से उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

    कांवड़ यात्रा में भाग लेने के लिए न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि महाराष्ट्र, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों से लाखों भक्त सीहोर पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं।

    हेलीकॉप्टर से होगी पुष्पवर्षा, 5 क्विंटल फूलों से सजा धाम

    इस विशेष आयोजन के अवसर पर पूरे कुबेरेश्वर धाम को 5 क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान सीवन नदी से लेकर धाम तक श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाने के लिए मार्ग में हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की जाएगी। इसके साथ ही पूरी यात्रा के दौरान विभिन्न प्रकार की आकर्षक झांकियां और भजनों की प्रस्तुतियां भी दी जा रही हैं।

    श्रद्धालुओं के लिए व्यापक सुविधाएं और सुरक्षा इंतजाम

    यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए 100 से अधिक सेवा स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जहां चाय, नाश्ता, फलाहार, शुद्ध पेयजल और भोजन प्रसादी का प्रबंध है।

    • सुरक्षा व्यवस्था: 1,200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और वॉच टावर से निगरानी रखी जा रही है।

    • स्वास्थ्य एवं आपातकाल: एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, एसडीआरएफ (SDRF) टीम और सीवन नदी तट पर गोताखोरों की तैनाती की गई है।

    • जनसुविधाएं: मोबाइल शौचालय, पर्याप्त विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

    यातायात के लिए रूट डायवर्ट और पार्किंग व्यवस्था

    भीड़ और यातायात के भारी दबाव को देखते हुए प्रशासन ने शहर के कई मार्गों पर 'रूट डायवर्जन' लागू किया है। कई रास्तों को वन-वे बनाया गया है और आवश्यकता पड़ने पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित करने की योजना है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए अलग से पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here