अजमेर। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा से ठीक पहले अजमेर नगर निगम चुनाव की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कांग्रेस के वरिष्ठ ब्लॉक प्रवक्ता ब्रजकिशोर जोशी ने अपने पुत्र यश जोशी के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। इसके साथ ही वार्ड 2 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल करने वाले यश जोशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, जिससे इस वार्ड का चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल गया है।
45 साल पुराना कांग्रेस से नाता तोड़ा, टिकट वितरण पर उपजा था रोष
ब्रजकिशोर जोशी का परिवार विगत साढ़े चार दशकों से कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। इस बार के निकाय चुनाव में उन्होंने वार्ड संख्या 2 से अपने पुत्र यश जोशी अथवा पुत्रवधू के लिए टिकट की दावेदारी प्रस्तुत की थी। हालांकि, पार्टी नेतृत्व द्वारा सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित इस वार्ड से अनुसूचित जाति वर्ग के प्रत्याशी को अधिकृत उम्मीदवार बनाए जाने के फैसले से वे असंतुष्ट हो गए थे। उपेक्षा का आरोप लगाते हुए यश जोशी ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया था।
नामांकन वापस लेकर भाजपा प्रत्याशी को दिया खुला समर्थन
राजनीतिक घटनाक्रम के तहत जोशी परिवार ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए भाजपा का दामन थाम लिया। पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद यश जोशी ने वार्ड 2 से अपना नामांकन औपचारिक रूप से वापस ले लिया और भाजपा की आधिकारिक उम्मीदवार ऋतु मामनानी को खुला समर्थन देने का ऐलान किया। इस राजनीतिक कदम से वार्ड 2 में भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जहां अब मुकाबला मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच केंद्रित हो गया है।
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में चुनावी तस्वीर हुई स्पष्ट
जिला निर्वाचन प्रशासन द्वारा नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद जारी स्थिति के अनुसार, अजमेर के 80 वार्डों में अलग-अलग समीकरण देखने को मिल रहे हैं। वार्ड 29, 60, 61 और 65 में दोनों प्रमुख दलों के बीच आमने-सामने का सीधा मुकाबला तय हुआ है। वहीं वार्ड 3, 16, 64, 67, 71 और 72 में त्रिकोणीय तथा वार्ड 4, 69, 73, 74 और 77 में चतुष्कोणीय भिड़ंत देखने को मिलेगी। सबसे रोचक और कड़ा मुकाबला वार्ड संख्या 13 में है, जहां सर्वाधिक 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन विभाग द्वारा अंतिम चुनावी परिदृश्य और प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी की जा रही है।


