सीकर। नीट (NEET) प्रवेश परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की गंभीर घटना के बाद आगामी 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन तय किया गया है। पेपर लीक के इस पूरे घटनाक्रम ने देश भर के लाखों परीक्षार्थियों को गहरे अवसाद और निराशा में धकेल दिया है, हालांकि कई छात्र फिर से परीक्षा की आस में जुटे हैं। इसी बीच, एक बेहद दुखद खबर सामने आई है जहां सिस्टम की खामियों और भविष्य की अनिश्चितता से परेशान होकर एक और होनहार छात्र ने मौत का खौफनाक रास्ता चुन लिया। परीक्षा से ऐन पांच दिन पहले सीकर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय नीट अभ्यर्थी उमेश माली ने अपने फ्लैट में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की इत्तला मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव के पास से एक भावुक सुसाइड नोट बरामद किया, जिसमें लिखा था कि 'मैं बहुत दूर जा रहा हूं, सॉरी।'
तीसरे प्रयास की तैयारी में जुटा था छात्र और सुसाइड नोट बरामद
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक छात्र की शिनाख्त झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ इलाके के कारी गांव निवासी 22 वर्षीय उमेश माली के रूप में हुई है। उमेश के पिता लक्ष्मणराम माली मुंबई में रहकर टाइल्स ठेकेदारी का व्यवसाय करते हैं, जबकि उमेश खुद अपने परिवार के साथ सीकर में रहकर इस कठिन चिकित्सा प्रवेश परीक्षा की कोचिंग कर रहा था। परिवार ने रहने के लिए सीकर की एक निजी रेजिडेंसी में फ्लैट ले रखा था, जहां उमेश अपनी मां, बड़ी बहन और छोटे भाई के साथ निवास कर रहा था। उमेश के लिए नीट पास करने का यह तीसरा प्रयास (अटेम्प्ट) था, जिसके लिए वह दिन-रात मेहनत कर रहा था और उसकी री-एग्जामिनेशन 21 जून को होनी तय थी।
मां को गांव विदा करने के बाद सूने घर में उठाया आत्मघाती कदम
घटनाक्रम के अनुसार, वारदात वाले दिन उमेश की मां अपने पैतृक गांव गई हुई थीं, जिन्हें खुद उमेश ही सुबह के वक्त विदा करने गया था। दोपहर के समय जब उसके छोटे भाई-बहन अपनी कोचिंग क्लासेस पूरी करके फ्लैट पर वापस लौटे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; उमेश का शव फंदे से लटक रहा था। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए और तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को फंदे से नीचे उतारकर राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसका पोस्टमार्टम कराया गया।
आत्महत्या के कारणों की तफ्तीश में जुटी पुलिस
बरामद किए गए संक्षिप्त सुसाइड नोट में छात्र ने अपने इस कदम के लिए परिवार से माफी मांगते हुए दूर जाने की बात तो लिखी है, लेकिन उसने किसी विशेष कारण या व्यक्ति का जिक्र नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि परीक्षा के मानसिक तनाव, बार-बार पेपर लीक होने से उपजी निराशा या किसी अन्य व्यक्तिगत कारण से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया, इसकी गहराई से तफ्तीश की जा रही है। वर्तमान में मृतक का परिवार इस भीषण सदमे के कारण बयान देने की स्थिति में नहीं है। उद्योग नगर थाना पुलिस ने मर्ग दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है, ताकि इस दुखद अंत के पीछे की असली वजह सामने आ सके।


