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    युद्ध का कोई भी टिकाऊ समाधान ईरान के सभी खतरों को ध्यान में रखकर हो

    तेहरान। ईरान-अमेरिका के बीच आधिकारिक तौर पर अभी सीजफायर जारी है। इसके बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की घोषणा कर दी, लेकिन 24 घंटे के बाद ही उसने ये आदेश वापस ले लिया और इसे बंद कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने समझौता नियमों का उल्लंघन किया है। जब से यह युद्ध शुरू हुआ, उसके बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर भी हमले किए हैं। इसमें यूएई भी शामिल है जिसपर ईरान ने सबसे ज्यादा मिलसाइलें दागीं। यूएई के विदेश मंत्रालय में राज्य मंत्री सईद बिन मुबारक अल हाजेरी का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर काफी नहीं है। उन्होंने कहा कि युद्ध का कोई भी टिकाऊ समाधान ईरान के सभी खतरों को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि होर्मुज का बंद होना आर्थिक आतंकवाद है।
    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक इंटरव्यू में हाजेरी ने पश्चिम एशिया में युद्ध, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक करने, ईरान के हमलों और उसके असर, सीजफ़ायर और बातचीत और यूएई में बड़ी भारतीय कम्युनिटी पर बात की। यूएई के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारा देश सीजफ़ायर की घोषणा और उससे जुड़ी बातचीत पर करीब से नज़र रख रहा है। उन्होंने कहा कि हम सीजफायर एग्रीमेंट के नियमों पर और स्पष्टीकरण चाहते हैं ताकि यह पक्का हो सके कि ईरान सभी दुश्मनी को तुरंत खत्म करने के लिए पूरी तरह से और वेरिफाई किया जा सकने वाला कमिटमेंट दिखाए।
    उन्होंने कहा कि सिर्फ़ सीजफायर काफी नहीं है। इस युद्ध का कोई भी टिकाऊ हल ईरान के सभी खतरों से निपटना होगा। उसकी न्यूक्लियर क्षमताएं, उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन, उससे जुड़े प्रॉक्सी, और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह और बिना किसी शर्त के फिर से खोलना भी शामिल है। हमें इस बात को लेकर साफ-साफ पता होना चाहिए कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बंद है। आने-जाने पर रोक लगाई जा रही है, शर्तें तय की जा रही हैं और उसे कंट्रोल किया जा रहा है। ईरान जहाजों को ट्रांज़िट के लिए परमिशन लेने के लिए मजबूर कर रहा है और हर जहाज पर टोल ले रहा है। इसका असर सिर्फ यूएई और उसके पड़ोसियों पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि भारत पर भी पड़ रहा है।
    यूएई के मंत्री हाजेरी ने कहा कि हमने यह लड़ाई नहीं चाही थी। उन्होंने कहा कि असल में हमने इसे रोकने की पूरी कोशिश की और यह युद्ध शुरू होने से पहले यूएई और दूसरे खाड़ी देशों ने हर मौजूद चैनल से यह साफ कर दिया था कि उनके इलाके और एयरस्पेस का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि यह भरोसा पूरी ईमानदारी और अच्छी नीयत से किया गया था। ईरान ने इसे नज़रअंदाज़ करके उन्हीं देशों पर हमला किया जिन्होंने शांति बनाए रखने के लिए सबसे ज़्यादा मेहनत की थी।
    बता दें 28 फरवरी से ईरान ने अकेले यूएई के खिलाफ 537 बैलिस्टिक मिसाइलें, 26 क्रूज़ मिसाइलें और 2,256 ड्रोन लॉन्च किए हैं, जो हर दूसरे टारगेटेड देश के खिलाफ से ज़्यादा हैं। मंत्री के मुताबिक यूएई ने लड़ाई को बढ़ने से रोकने के लिए ईमानदारी से और लगातार कोशिशें कीं और उन कोशिशों का जवाब पहले से सोचे-समझे हमले से मिला।

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