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    दिग्गज गायक किशोर कुमार के पुश्तैनी मकान पर अतिक्रमण की कोशिश, मचा हंगामा

    खंडवा | हिंदी सिनेमा के कालजयी गायक और अभिनेता किशोर कुमार के मध्य प्रदेश के खंडवा स्थित पुश्तैनी मकान 'गौरी कुंज' पर अवैध कब्जे और अतिक्रमण की कोशिश का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। स्थानीय दुकानदारों और असामाजिक तत्वों द्वारा घर के आसपास न सिर्फ अतिक्रमण किया गया, बल्कि मकान की एक ऐतिहासिक दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। जैसे ही यह खबर किशोर दा के प्रशंसकों को मिली, भारी संख्या में फैंस मौके पर जमा हो गए और उन्होंने वहां जमकर हंगामा व विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय विधायक प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बलपूर्वक अतिक्रमण को हटवाया। इस घटना के बाद देश भर में फैले किशोर कुमार के प्रशंसकों में गहरा रोष है और उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को तुरंत संरक्षित करने की मांग की है।

    प्रशासनिक अमले में मची खलबली, सीएम से संग्रहालय बनाने की उठेगी मांग

    सुरों के सरताज के आंगन पर कब्जे की इस दुस्साहसिक कोशिश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। प्रशासनिक टीम ने मौके पर सक्रियता दिखाते हुए आगे की अवैध निर्माण और अतिक्रमण की कार्रवाई को पूरी तरह रुकवा दिया है। इस दौरान मौके पर पहुंचे विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे ने प्रशंसकों को ढांढस बंधाया और कहा कि वे इस ऐतिहासिक मकान की सुरक्षा और गरिमा को बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात करेंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार इस पुश्तैनी मकान को अपने नियंत्रण में लेकर एक भव्य राष्ट्रीय संग्रहालय (म्यूजियम) के रूप में विकसित करे।

    देश भर के फैंस के लिए मंदिर है यह घर, बदहाली देख छलका दर्द

    खंडवा की पहचान पूरी दुनिया में किशोर कुमार के नाम से ही होती है। किशोर दा के एक परम प्रशंसक भरत पटेल ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया, "हर साल 4 अगस्त को किशोर दा के जन्मदिन और 13 अक्टूबर को उनकी पुण्यतिथि पर देश के कोने-कॉने—जैसे मुंबई, इंदौर, भोपाल और दिल्ली—से हजारों संगीत प्रेमी खंडवा पहुंचते हैं। यहां गीतों की महफिल सजती है और लोग इस पावन मिट्टी को सिर माथे लगाते हैं। लेकिन सरकार की खामोशी और इस ऐतिहासिक घर की बदहाली देखकर हमारा दिल रोता है। संगीत प्रेमी इस घर को किसी मंदिर से कम नहीं मानते, इसलिए इसे संजोकर रखना बेहद जरूरी है।"

    महापौर ने बताया निजी संपत्ति, बोलीं- 'परिवार सौंपे तो सरकार बनाए स्मारक'

    इस पूरे विवाद और फैंस के आक्रोश पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खंडवा की महापौर अमृता अमर यादव ने एक अलग पहलू सामने रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक निजी संपत्ति है। महापौर ने कहा, "नगर निगम और प्रशासन भी यही चाहता है कि इस स्थान को एक शानदार संग्रहालय का रूप दिया जाए, लेकिन किशोर कुमार का परिवार इस संपत्ति को संरक्षित करने या स्मारक बनाने के लिए सरकार को सौंपने के लिए तैयार नहीं है। वहां परिवार की ओर से एक निजी चौकीदार भी तैनात है। ऐसे में यदि वहां कोई अतिक्रमण की कोशिश कर रहा है, तो चौकीदार की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं।"बहरहाल, इस खींचतान के बीच खंडवा की गलियों में आज भी किशोर दा के प्रशंसक मायूस होकर उनका ही गाया प्रसिद्ध गीत गुनगुना रहे हैं— ‘कोई हमदम ना रहा, कोई सहारा ना रहा…’

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