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    Homeदेशबिहार को मिलेगा नया धार्मिक धाम, मोकामा में बनेगा तिरुपति बालाजी मंदिर

    बिहार को मिलेगा नया धार्मिक धाम, मोकामा में बनेगा तिरुपति बालाजी मंदिर

    पटना। बिहार को धार्मिक पर्यटन के एक वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में पटना जिले के मोकामा शहर को एक बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत मोकामा खास मौजा स्थित कुल 10.11 एकड़ सरकारी भूमि को आंध्र प्रदेश के विश्व प्रसिद्ध 'तिरुमला तिरुपति देवस्थानम्' (TTD) को सौंपने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार यह कीमती जमीन टीटीडी को 99 वर्षों की लंबी अवधि के लिए मात्र 1 रुपये के सांकेतिक (टोकन) मूल्य पर लीज पर उपलब्ध कराएगी, जहां भगवान वेंकटेश्वर (बालाजी) के भव्य मंदिर और परिसर का निर्माण किया जाएगा।

    नीतिगत नियमों में दी गई विशेष ढील; एमओयू (MoU) के प्रारूप को भी मिली प्रशासनिक हरी झंडी

    मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस विशेष परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सरकार ने अपने तय नियमों में भी नरमी दिखाई है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पुराने प्रविधानों और 'बिहार खासमहल नीति, 2011' के कुछ कड़े नियमों व शर्तों को शिथिल (रिलैक्स) करते हुए इस भूमि बंदोबस्ती को विशेष स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही, बिहार सरकार और तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् के बीच होने वाले आगामी समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतिम प्रारूप को भी कैबिनेट ने अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है, जिससे अब जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकेगी।

    धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे

    माना जा रहा है कि मोकामा में दक्षिण भारतीय स्थापत्य कला पर आधारित तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण से न केवल बिहार, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के श्रद्धालुओं को भगवान बालाजी के दर्शन का सौभाग्य अपने नजदीक ही मिल सकेगा। इस भव्य मंदिर के निर्माण से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का तेजी से विकास होगा। इसके साथ ही होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना आने वाले समय में बिहार पर्यटन का मुख्य आकर्षण केंद्र बनेगी।

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