मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के भीतर मची अंदरूनी हलचल के बीच अब एक नया और बेहद सनसनीखेज मोड़ आ गया है। पार्टी के कद्दावर नेता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने अपनी ही पार्टी के सांसदों पर पाला बदलने के लिए भारी-भरकम रकम लेने का एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है, जिससे सूबे की सियासत गरमा गई है। राउत के इस तीखे बयान पर तुरंत पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। बावनकुले ने साफ शब्दों में कहा कि बिना किसी पुख्ता आधार के इस तरह के मनगढ़ंत आरोप लगाना पूरी तरह से अनुचित और गलत परंपरा है।
पैसे के दम पर बदनाम करने के बजाय आत्ममंथन की सलाह
भाजपा नेता बावनकुले ने उद्धव गुट को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए सांसदों और विधायकों के चरित्र पर इस तरह के लांछन लगाना किसी भी दृष्टिकोण से ठीक नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब भी कोई राजनेता या जनप्रतिनिधि अपना वैचारिक रास्ता बदलता है या किसी अन्य दल में शामिल होता है, तो उसके पीछे कई तरह की राजनीतिक और क्षेत्रीय वजहें हो सकती हैं। केवल धनबल या आर्थिक लेन-देन के आधार पर अपने ही पुराने साथियों को सरेआम बदनाम करना पूरी तरह गलत है। बावनकुले ने नसीहत देते हुए कहा कि आरोपों की राजनीति करने के बजाय उद्धव ठाकरे और उनके रणनीतिकारों को इस बात की गहराई से समीक्षा करनी चाहिए कि आखिर ऐसी क्या वास्तविक वजहें हैं, जिसके चलते उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले विधायक और सांसद एक-एक कर उन्हें मझधार में छोड़कर जा रहे हैं।
करोड़ों रुपये के लेन-देन और चार्टर्ड विमानों का सनसनीखेज दावा
इससे पहले, संजय राउत ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचाने वाला दावा करते हुए कहा था कि उनके पास पुख्ता खुफिया जानकारियां मौजूद हैं कि पाला बदलने के इच्छुक सांसदों को 15-15 करोड़ रुपये की भारी रकम पहुंचाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बड़ी सौदेबाजी के मुकम्मल होने के बाद ही संबंधित सांसदों को नांदेड़ और पुणे सहित तीन अलग-अलग ठिकानों से विशेष चार्टर्ड विमानों (निजी विमानों) के जरिए दिल्ली रवाना किया गया। राउत ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि पार्टी इस संभावित बगावत से डरने वाली नहीं है और संगठन की मजबूती के लिए हर विधिक कदम उठाया जा रहा है।
संसदीय दल की बैठक, व्हिप जारी और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र
शिवसेना (यूबीटी) के भीतर मचे इस घमासान के बीच पार्टी नेतृत्व ने अपने बचे हुए कुनबे को एकजुट रखने के लिए कानूनी और तकनीकी मोर्चे पर भी घेराबंदी शुरू कर दी है। संजय राउत ने आधिकारिक रूप से जानकारी दी कि पार्टी की ओर से आगामी संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक के लिए एक कड़ा 'व्हिप' (आधिकारिक निर्देश) जारी कर दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर सांसदों की सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। इसके साथ ही, वरिष्ठ पार्टी नेता अरविंद सावंत ने दिल्ली में मोर्चा संभालते हुए इस पूरे मामले और दल-बदल की आशंकाओं को लेकर लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को एक औपचारिक पत्र भी सौंप दिया है, ताकि बगावत करने वाले सांसदों के खिलाफ समय रहते सख्त कानूनी कदम उठाए जा सकें।


