नई दिल्ली: देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में आज विधानसभा चुनावों के नतीजों का दिन है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इन नतीजों को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले सत्ता के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल: बीजेपी और टीएमसी में 'नैक-टू-नैक' मुकाबला
ममता दीदी के गढ़ में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी ने 100 का आंकड़ा पार कर लिया है और टीएमसी के साथ उसकी कड़ी प्रतिस्पर्धा जारी है। सबसे हाई-प्रोफाइल सीट भवानीपुर पर सबकी निगाहें हैं, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है; यहां शुभेंदु ने शुरुआती बढ़त बनाकर मुकाबले को और भी दिलचस्प बना दिया है। बंगाल में इस बार रिकॉर्ड 92.47% मतदान हुआ है, जो परिणामों को किसी भी दिशा में मोड़ सकता है।
असम: बहुमत के करीब भाजपा, हैट्रिक की उम्मीद
असम में हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा मजबूत स्थिति में दिख रही है। शुरुआती रुझानों में भाजपा नीत एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। मुख्यमंत्री सरमा अपनी पारंपरिक सीट जालुकबारी से आगे चल रहे हैं, जबकि कांग्रेस के दिग्गज नेता गौरव गोगोई जोरहाट में कड़ी टक्कर दे रहे हैं। भाजपा को यहाँ जीत की हैट्रिक लगाने का पूरा भरोसा है, जबकि कांग्रेस वापसी की राह देख रही है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के रुझान
तमिलनाडु: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की अगुवाई वाली डीएमके अपनी बढ़त बनाए हुए है। हालांकि, सुपरस्टार थलापति विजय की नई पार्टी टीवीके ने कई सीटों पर बढ़त बनाकर मुकाबले को त्रिकोणीय कर दिया है। अभिनेता विजय पेराम्बूर सीट से आगे चल रहे हैं।
केरल: यहाँ यूडीएफ और एलडीएफ के बीच कड़ी टक्कर है। शुरुआती रुझानों में यूडीएफ (कांग्रेस गठबंधन) को बढ़त मिलती दिख रही है, जो केरल में हर पांच साल में सत्ता बदलने के ट्रेंड को दोहरा सकती है। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन धर्मडम सीट से आगे चल रहे हैं।
पुडुचेरी: केंद्र शासित प्रदेश में एन-रंगास्वामी की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन दोबारा सत्ता में वापसी करता नजर आ रहा है। शुरुआती रुझानों में एनडीए को स्पष्ट बढ़त हासिल है।
दोपहर तक कई सीटों पर स्थिति पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है। सुरक्षा के लिहाज से सभी केंद्रों पर थ्री-लेयर सिक्योरिटी तैनात की गई है और परिणामों की पारदर्शिता के लिए चुनाव आयोग पूरी सतर्कता बरत रहा है।


