धार | धार जिले के धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक कालू सिंह ठाकुर द्वारा अपनी ही पार्टी की केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के आधिकारिक निवास के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने के ऐलान का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पार्टी के इस कदम से असहज हुई स्थिति को देखते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए विधायक को आधिकारिक कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी कर दिया है और उनसे आगामी 3 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा है।
तय समय सीमा में जवाब न देने पर की जाएगी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई
प्रदेश अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र के अनुसार, विगत दिनों विधायक कालू सिंह ठाकुर द्वारा सार्वजनिक रूप से जो आचरण किया गया, वह पार्टी के अनुशासन और गरिमा के पूरी तरह विरुद्ध और अत्यंत आपत्तिजनक है। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि यह कृत्य संगठनात्मक मर्यादा के अनुकूल नहीं है। जारी निर्देश में कहा गया है कि विधायक निर्धारित 3 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण दें, अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह नोटिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी तेजी से प्रसारित हो रहा है।
क्या है इस पूरे राजनीतिक विवाद का मुख्य मामला?
ज्ञात हो कि धरमपुरी से भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर ने धामनोद नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने और कोई सुनवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया था। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर के धार स्थित आवास के बाहर भूख हड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया था, जिसके बाद से ही पूरे क्षेत्र और जिले की राजनीति में भारी गर्माहट आ गई थी।
वरिष्ठ पदाधिकारियों को भेजी गई नोटिस की प्रति और मुख्यमंत्री से मुलाकात की संभावना
इस आधिकारिक नोटिस की प्रतियां राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब सहित पार्टी संगठन के अन्य सभी प्रमुख वरिष्ठ पदाधिकारियों को सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई हैं।
इस बीच, अत्यंत विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भाजपा विधायक कालू सिंह ठाकुर भोपाल पहुँच रहे हैं, जहाँ उनके मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात करने की पूरी संभावना है। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान क्या बातचीत होती है और आगे राजनीतिक दिशा क्या रुख लेगी, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।


