चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मालवा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीब 25 वर्षों तक राजनीतिक सचिव रहे और उनके करीबी रिश्तेदार मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों बादल ने सोमवार को भाजपा का दामन थाम लिया है।
प्रमुख नेताओं की मौजूदगी में ग्रहण की सदस्यता
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों की उपस्थिति में मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों को पार्टी की औपचारिक सदस्यता दिलाई गई। राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को भाजपा के लिए मालवा क्षेत्र में एक रणनीतिक बढ़त के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि
मेजर भूपिंदर सिंह ढिल्लों का परिवार लंबे समय से पंजाब की राजनीति का अहम हिस्सा रहा है। वह 1997 से 2002 के बीच अकाली सरकार में राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। उनके पिता गुरराज सिंह ढिल्लों बादल ने 1952 से 1958 तक शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर राज्यसभा सांसद के रूप में सेवाएं दी थीं और प्रकाश सिंह बादल के शुरुआती राजनीतिक सफर में भी अहम भूमिका निभाई थी।
सैन्य पृष्ठभूमि और लांबी क्षेत्र में प्रभाव
भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके मेजर ढिल्लों ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में हिस्सा लिया था और 1988


