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    नेपानगर में एशिया की सबसे बड़ी कागज मिल का बॉयलर ट्रायल सफल, उत्पादन की उम्मीदें बढ़ीं

    बुरहानपुर : नेपानगर स्थित एशिया की सबसे बड़े और पुराने अखबारी कागज कारखाने नेपा लिमिटेड मिल सोमवार को फिर शुरू कर दी गई. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) की आर्थिक सलाहकार डॉ. रेणुका मिश्रा, स्वतंत्र निर्देशक सीए मिलिंद कनाड़े ने बॉयलर लाइट-अप के साथ मिल संचालन की प्रकिया शुरू कराई. उनकी मौजूदगी में सफल ट्रायल किया गया और नेपा मिल में पेपर मशीन से उत्पादन शुरू किया.

    सफल ट्रायल के बाद मिल के अधिकारियों सहित कर्मचारियों में उत्साह देखा गया, यह दृश्य देखते ही सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे, इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी खुशी जाहिर की, अब इस मिल के पूर्णजीवित होने की उम्मीद जाग उठी है.

    कई सालों से बंद पड़ी थी मिल

    लंबे समय बाद ट्रायल ऑपरेशन के तहत बॉयलर लाइट-अप कर मिल संचालन की प्रक्रिया का सफल परीक्षण हुआ, मिल की उंची चिमनी से धुआं उठा और पेपर मशीनों ने उत्पादन की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू की, तो क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया. नेपा मिल में कई सालों से बंद पड़ी मशीनों को चालू किया गया, जैसे ही कर्मचारियों के कानों में मशीनों की आवाज गूंजी तो पुरानी यादें ताजा हो गईं.

    हजारों परिवारओं को मिलेगा रोजगार

    जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, '' एशिया की सबसे बड़ी और पुरानी अखबारी कागज वाली नेपा मिल न सिर्फ एक औद्योगिक उपक्रम है, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन भी है. केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार डॉ. रेणुका मिश्रा और स्वतंत्र निदेशक सी.ए मिलिंद कनाडे ने नेपा लिमिटेड का दौरा किया, उन्होंने उत्पादन प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया, इसके अलावा नवीनीकृत संयंत्रों की कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया है.''

    75 साल पुरानी मिल को मिला जीवन दान

    जनसंपर्क अधिकारी संदीप ठाकरे के मुताबिक, '' 23 अगस्त 2022 को तत्कालीन केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने मिल में नवीनीकृत संयंत्रों का शुभारंभ किया था, करीबन 75 साल पुरानी यह मिल एशिया की सबसे बड़ी और पहली मिल में शुमार है, यही वजह है कि नेपा मिल पहली न्यूजप्रिंट कागज मिल भी मानी जाती है, खास बात यह है कि साल 1995 में गुलाबी समाचार पत्र कागज पेश करने का श्रेय भी इसी को जाता है.

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