मुंबई। महाराष्ट्र एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने माहिम इलाके से मोहम्मद हसन अबू सरमद अख्तर (33) नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वह रैपिडो राइडर और इत्र विक्रेता के तौर पर काम करता था। एटीएस की शुरुआती जांच में उसके पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटर्स के संपर्क में होने की जानकारी सामने आई है।
सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और भड़काऊ पोस्ट
जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स की तकनीकी जांच में कई आपत्तिजनक खुलासे हुए हैं। एटीएस के मुताबिक, उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई दौरे के दौरान सुरक्षा चूक की खबर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसके अलावा उसके एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर जिहाद का समर्थन करने और लोगों को हथियार उठाने के लिए उकसाने वाले संदेश भी मिले हैं।
टेलीग्राम पर मसूद अजहर के भाषण और चरमपंथी चैनल की सदस्यता
आरोपी एक टेलीग्राम ग्रुप संचालित कर रहा था, जिस पर उसने 1 जून 2026 को प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर के बाबरी मस्जिद और अन्य मुद्दों से जुड़े भड़काऊ भाषणों के ऑडियो अपलोड किए थे। इसके साथ ही वह पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी टेलीग्राम चैनल 'आईबीएन-ए-कासिम' का सक्रिय सब्सक्राइबर भी पाया गया है।
बीएनएस की धारा के तहत मामला दर्ज
एटीएस की कालाचौकी यूनिट ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल एजेंसी उसके डिजिटल सबूतों और संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।


