भोपाल। राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'ब्रिक्स (BRICS) सांस्कृतिक सम्मेलन 2026' का दूसरा दिन विचार-विमर्श और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से समृद्ध रहेगा। इस दौरान सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक सहयोग, विरासत संरक्षण और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने से जुड़ी विभिन्न सिफारिशों पर मंथन करेंगे, जिसके आधार पर संस्कृति मंत्रियों की आगामी बैठक के घोषणा पत्र का मसौदा तैयार होगा।
सांस्कृतिक धरोहर, प्रदर्शनियां और पारंपरिक व्यंजन
सम्मेलन स्थल पर 'ज्ञान भारतम', 'प्रोजेक्ट मौसम' और 'प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत' विषय पर तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं, जो भारत की पांडुलिपि परंपरा, ऐतिहासिक समुद्री संपर्कों और सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित करती हैं। विदेशी मेहमानों को मध्य प्रदेश की समृद्ध खान-पान संस्कृति से परिचित कराने के लिए दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, चंबल का थोपा तथा कोदो-कुटकी जैसे मिलेट (श्री अन्न) आधारित पारंपरिक व्यंजनों का विशेष मैन्यू तैयार किया गया है।
ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव और 'अमृतस्य मध्य प्रदेश'
शाम को आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव में भारत, ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र और इंडोनेशिया सहित अन्य देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की विशेष प्रस्तुति "अमृतस्य मध्य प्रदेश" होगी, जिसमें राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों (भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन) के साथ बैगा, मटकी और बधाई जैसे प्रसिद्ध लोकनृत्यों की झलक देखने को मिलेगी।
8 अगस्त को ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का भ्रमण करेगा, जबकि 9 अगस्त को प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका के शैलाश्रयों का वैकल्पिक भ्रमण आयोजित किया जाएगा।


