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    Homeराज्ययूपीगोरखपुर में गरजा बुलडोजर: दो एकड़ जमीन से हटाया गया अतिक्रमण

    गोरखपुर में गरजा बुलडोजर: दो एकड़ जमीन से हटाया गया अतिक्रमण

    गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में राप्ती नगर विस्तार योजना और टाउनशिप सहित स्पोर्ट्स सिटी के रुप में विकसित किये जा रहे क्षेत्र में वर्षों से हुए अतिक्रमण को नगर निगम और जीडीए की टीम ने मिलकर खाली कराया। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुलिस की टीम ने उन्हें रोकते हुए वहां से हटाया और अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवाकर जमीन खाली कराई गई।

    गोरखपुर विकास प्राधिकरण की तरफ से शहर के विकास के मद्देनजर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में मेडिकल रोड पर स्थित मानबेला में राप्ती टाउनशिप और स्पोर्ट्स सिटी बनाए जाने को लेकर काम चल रहा है। इस संदर्भ में मंगलवार को जीडीए और नगर निगम की संयुक्त टीम ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर 32 करोड रुपए कीमत की दो एकड़ जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। बता दें कि वर्षों से जीडीए और नगर निगम की जमीन पर बाहरी लोगों का कब्जा था। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद जमीन खाली नहीं हो रही थी। जीडीए ने पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर बुलडोजर के सहारे जमीन को कब्जा मुक्त कराया। इस दौरान कई लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन पुलिस प्रशासन के सामने उनकी एक न चली। किसी के पास भी वैध कागज उपलब्ध नहीं थे।

    मामला जानिए

    इस दौरान अवैध रूप से की गई बाउंड्री और निर्माण को ध्वस्त करा कर जीडीए ने अपना पोल गड़वा दिया है। यह पूरी कार्रवाई जीडीए के मुख्य अभियंता किशन सिंह के नेतृत्व में पूरी हुई। इस बारे में उनका कहना था कि टाउनशिप योजना के तहत जमीन को अधिग्रहित कर एक रजिस्टर्ड फर्म को राप्ती टाउनशिप और स्पोर्ट्स सिटी निर्माण का कार्य सौंपा गया है। कार्यदाई संस्था द्वारा कार्य शुरू भी कर दिया गया था। लेकिन 2 एकड़ से ज्यादा जमीन जिसकी कीमत लगभग 32 करोड़ के आस पास है, लेकिन अतिक्रमण की वजह से कार्य बाधित हो रहा था।

    दी गई नोटिस

    लोगों को नोटिस भी दी गई थी, लेकिन जब उनपर इसका असर नही हुआ तो प्रशासन का सहारा लेकर इसे मुक्त कराया गया है। विरोध करने वालों के पास कोई भी वैध कागजात मौजूद नहीं हैं। वहीं इस बारे में कुछ लोगों का कहना था कि यह हमारी जमीन है। यहां बरसों से हमारा कब्जा है। लेकिन प्रशासन जबरदस्ती हमारी जमीनों पर कब्जा कर रहा है, हम इसके लिए संघर्ष जारी रखेंगे।

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