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    Homeराज्यमध्यप्रदेशमहाराजा यशवंतराव अस्पताल परिसर में बाउंड्री वॉल पर चला बुलडोजर

    महाराजा यशवंतराव अस्पताल परिसर में बाउंड्री वॉल पर चला बुलडोजर

    इंदौर।  मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय अस्पताल परिसर में अवैध कब्जा कर बनाई गई मस्जिद के हिस्से पर शनिवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. तड़के ही दो पोकलैंड मशीनों, चार डंपरों और एक दर्जन से अधिक पुलिस वाहनों के साथ राजस्व और नगर निगम का अमला मौके पर पहुंच गया. प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मस्जिद की अवैध बाउंड्री वॉल और परिसर के अंदर बने बड़े टीन शेड को जमींदोज कर दिया. प्रशासन का कहना है कि अब इस जमीन का उपयोग गरीब मरीजों के इलाज और सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जा सकेगा।

    30 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर कब्जे का आरोप

    इंदौर स्थित एमवाय अस्पताल का परिसर काफी विस्तृत है. वर्ष 1967 में यहां सैनिकों को नमाज पढ़ने के लिए 300 स्क्वायर फीट जमीन आवंटित की गई थी. लेकिन आरोप है कि कुछ वर्षों पहले मस्जिद कमेटी के लोगों ने परिसर का विस्तार करते हुए लगभग 30 हजार स्क्वायर फीट जमीन पर कब्जा कर लिया. इस मामले में एसडीएम जूनी इंदौर द्वारा मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी किया गया था. करीब दो वर्षों तक एसडीएम जूनी इंदौर की कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चली. कुछ दिनों पहले एसडीएम जूनी इंदौर ने मस्जिद के विस्तारित निर्माण को अवैध मानते हुए कमेटी को बेदखली का आदेश दिया था. इसके खिलाफ मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसे शुक्रवार को हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया. याचिका खारिज होने के अगले ही दिन शनिवार को प्रशासन ने मस्जिद के अवैध हिस्से को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।

    पूर्व अध्यक्ष का दावा, रिकॉर्ड में जमीन अधिक दर्ज

    मस्जिद कमेटी के पूर्व अध्यक्ष शाहिद अली का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के कागजात में मस्जिद की जमीन 30 हजार स्क्वायर फीट से अधिक दर्ज है, लेकिन प्रशासन संबंधित दस्तावेज देखने को तैयार नहीं है. उनका दावा है कि हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए सक्षम न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखने की छूट दी थी, लेकिन प्रशासन ने उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया और उससे पहले ही कार्रवाई कर दी. उन्होंने कहा कि मस्जिद से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं।

    विरोध के बीच भारी पुलिस बल की तैनाती

    मस्जिद के अवैध हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम समाज के कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास भी किया, लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण विरोध प्रभावी नहीं हो सका. प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखते हुए पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी की।

    बाउंड्री वॉल और रहवासी निर्माण भी तोड़े गए

    प्रशासन ने मस्जिद की बाउंड्री वॉल तोड़ने के साथ ही परिसर में बने कुछ रहवासी निर्माणों को भी ध्वस्त किया. हालांकि मस्जिद कमेटी के अनुरोध पर प्रशासन ने आंशिक कार्रवाई के बाद सात दिन की मोहलत दी है. एसडीएम घनश्याम धनगर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सात दिन की अवधि समाप्त होते ही प्रशासन दोबारा कार्रवाई करेगा. यदि तय समय तक अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो पूरी संरचना को बलपूर्वक ढहा दिया जाएगा।

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