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    बुलेटप्रूफ जैकेट बनी ढाल: SI की जान बची, मुठभेड़ में दो इनामी बदमाश घायल

    रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी जिले में देर रात कानून और अपराधियों के बीच आमने-सामने की खूनी जंग देखने को मिली। पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच हुई इस जबरदस्त मुठभेड़ में दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में दो इनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम को भी निशाना बनाया, जिसमें एक सब-इंस्पेक्टर बाल-बाल बच गए।

    वारदात की फिराक में थे बदमाश, सीआईए ने बिछाया जाल

    यह पूरी कार्रवाई सीआईए (CIA) धारूहेड़ा के प्रभारी योगेश के नेतृत्व में अंजाम दी गई। पुलिस को पुख्ता इनपुट मिला था कि जड़थल इलाके में कुछ शातिर अपराधी किसी बड़ी और सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के इरादे से घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही सीआईए की टीम ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिस टीम को अपने इतने नजदीक देखकर बदमाशों में हड़कंप मच गया और खुद को घिरता देख उन्होंने भागने के लिए पुलिस पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

    दोनों ओर से चलीं गोलियां, बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई सब-इंस्पेक्टर की जान

    बदमाशों की तरफ से अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से करीब चार-चार राउंड फायरिंग हुई। बदमाशों की एक गोली सीआईए के सब-इंस्पेक्टर फखरुद्दीन को जा लगी। गनीमत यह रही कि वह बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जिसके कारण गोली उनके शरीर के पार नहीं हो सकी और उनकी जान बच गई।

    वहीं, पुलिस की सटीक जवाबी फायरिंग में दोनों मुख्य बदमाशों—मोहन और गोविंद उर्फ झम्मन—के पैरों में गोलियां लगीं। पैर में गोली लगते ही दोनों जमीन पर गिर पड़े, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें दबोच लिया और तुरंत इलाज के लिए रेवाड़ी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।

    आधा दर्जन से अधिक संगीन मामले हैं दर्ज, बखापुर फायरिंग में थे वांटेड

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घायल हुए दोनों बदमाश बेहद शातिर और समाज के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे। आरोपी मोहन (निवासी बोलनी) और गोविंद उर्फ झम्मन (निवासी राजस्थान) पर पहले से ही मर्डर, डकैती, लूटपाट और रंगदारी (फिरौती) जैसी संगीन धाराओं के तहत आधा दर्जन से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में 28 जून को इन दोनों ने अपने एक अन्य साथी प्रवीण के साथ मिलकर बखापुर गांव के रहने वाले रतिराम पर जानलेवा हमला करते हुए तीन गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद से पुलिस लगातार इनकी तलाश में छापेमारी कर रही थी।

    डीएसपी पहुंचे अस्पताल, जांच तेज

    देर रात मुठभेड़ की सूचना मिलते ही डीएसपी सुरेंद्र श्योराण स्थिति का जायजा लेने खुद ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उन्होंने मीडिया को बताया कि सीआईए की मुस्तैद टीम लगातार इन अपराधियों का पीछा कर रही थी। जब बदमाशों ने घेराबंदी तोड़ने के लिए पुलिस पर हमला किया, तो बहादुर जवानों ने मुंहतोड़ जवाब देते हुए दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

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