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    अलकनंदा नदी में समाई बस: बाल-बाल बचे यात्रियों ने साझा की दर्दनाक आपबीती, ‘कैसे हंसती-खेलती जिंदगी थम गई’

    Uttrakhand Bus Accident: रूद्रप्रयाग में बीते गुरूवार को बस हादसे में तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 8 यात्रियों को रेस्क्यू करने के बाद अब तक लापता 9 लोगों की तलाशी को लेकर ​अभियान चलाया जा रहा है। बस हादसे में घायल कुछ यात्रियों ने उसे खौफनाक मंजर को बयां किया कि किस तरह से हंसते गाते जा रहे यात्रियों की बस अलकनंदा नदी में समा गई।

    उत्तराखंड यात्रा में खुश थे यात्री

    महाराष्ट्र की रहने वालीं अमिता सोनी ने हादसे का वो खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया ​कि उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर यात्री दल का वाहन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त होकर अलकनंदा नदी में समा गया। उन्होंने बताया कि वर्षों बाद सब मिलकर उत्तराखंड चारधाम यात्रा पर जाने की योजना से बेहद खुश थे, लेकिन बदरीनाथ धाम पहुंचने से पहले ही यह दुखद हादसा हो गया।

    16 जून को हरिद्वार पहुंचा था दल

    या​त्रियों का पूरा दल 16 जून को हरिद्वार पहुंच गया था। वहां से एक बस बुक कर उन्होने 17 जून को हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू की। बस में परिवार के 18 सदस्य, एक टूर गाइड और चालक सहित कुल 20 लोग सवार थे। बस में छोटे बच्चों समेत 77 साल तक के लोग थे। ज्यादातर यात्रियों की यह उत्तराखंड चारधाम की पहली यात्रा थी।

    बद्रीनाथ धाम से पहले हादसा

    यात्री अमिता सोनी के अनुसार पहले गंगोत्री के दर्शन किए और फिर यमुनोत्री पहुंचे। हम लोग पड़ावों पर रुक-रुककर अपनी यात्रा में आगे बढ़ रहे थे। बीते सोमवार को सभी केदारनाथ यात्रा के लिए सोनप्रयाग पहुंचे। मंगलवार को गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। बुधवार देर शाम रुद्रप्रयाग पहुंचे और एक होटल में ठहरे। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे हमारा वाहन बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गया था।

    वाहन बचाते समय हादसे की आशंका

    बस में सवार सभी लोग यात्रा के लिए उत्साहित थे। अचानक चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया जिसके बाद वाहन पहले खाई और फिर बाद में नदी में जा गिरा। अचानक हुए हादसे में किसी को भी कुछ समझ ही नहीं आया। पता ही नहीं चला कि कब वाहन खाई में पत्थरों के बीच जा पहुंचा। अन्य घायल भावना ने बताया कि वाहन चालक ने दूसरी तरफ से आ रहे एक वाहन को बचाने का प्रयास किया था संभवतया उसी कारण यह हादसा हुआ।

    उदयपुर से गए 3 यात्रियों की मौत

    हादसे में उदयपुर से गए 3 यात्रियों की मौत हुई है। वहीं 9 लोग अभी लापता हैं। शास्त्री सर्कल उदयपुर निवासी रवि भवसार, शास्त्री सर्कल उदयपुर निवासी संजय सोनी, उदयपुर निवासी चेतना सोनी, शास्त्री सर्कल उदयपुर निवासी सुशीला सोनी, गोगुंदा उदयपुर निवासी ललित कुमार सोनी, पूना कुभंरिया रोड गुजरात निवासी मौली सोनी, सूरत गुजरात निवासी मयूरी, सूरत गुजरात निवासी चेष्ठा, थाणे मीरा रोड महाराष्ट्र निवासी कट्टा रंजना अशोक लापता है, जिनकी तलाश की जा रही है।

    सूरत से एक ही परिवार के छह जने थे

    परवत पाटिया क्षेत्र में आइमाता चौक के निकट स्थित सिलीकॉन पैलेस में रहने वाले सोनी परिवार के पड़ोसी विमल शारड़ा ने बताया कि ईश्वर सोनी का विधाता ज्वैलर्स के नाम से सोने चांदी के आभूषणों का शो रूम है। ईश्वर सोनी (46) 16-17 जून को पत्नी भावना (43), बेटियों मौली (19), ड्रिमी (17), चेष्टा (12) और बेटे भव्य (7) के साथ राजस्थान के उदयपुर जिले, गोगुंदा गए थे। वहां से रिश्तेदारों के साथ चारधाम यात्रा पर निकले। हादसे में उनकी पुत्री ड्रिमी की मौत हो चुकी है। ईश्वर, भावना और भव्य तीनों घायल हैं। वहीं मौली व चेष्टा का पता नहीं चल पाया है।

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