दिल्ली। राजधानी में त्रिपुरा के एक युवक के साथ हुए कथित नस्लीय दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है। टिपरा मोथा पार्टी के संस्थापक प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि केवल आरोपी की गिरफ्तारी काफी नहीं है, बल्कि ऐसे सभी वीडियो और चैनलों को भी पूरी तरह ब्लॉक किया जाना जो ऑनलाइन लोकप्रियता और मुनाफे के लिए लोगों की पहचान व शारीरिक बनावट का मज़ाक बनाते हैं। उन्होंने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाने की वकालत की है ताकि भविष्य में कोई भी पूर्वोत्तर या देश के किसी अन्य हिस्से के नागरिकों का अपमान करने की हिम्मत न जुटा सके।
प्रद्योत देबबर्मा की सख्त कार्रवाई और चैनलों को ब्लॉक करने की मांग
त्रिपुरा स्टूडेंट्स फोरम के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान प्रद्योत देबबर्मा ने पीड़ित युवक लेसोंगित रियांग के साथ हुई अभद्रता पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस घटना को एक कड़े उदाहरण के रूप में पेश किया जाना चाहिए ताकि सोशल मीडिया पर सनसनी फैलाकर कमाई करने वालों को रोका जा सके। जब तक ऐसे तत्वों की कमाई के जरियाें पर चोट नहीं की जाएगी, तब तक इस तरह की मानसिकता पर लगाम लगाना मुमकिन नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्र या समुदाय के लोगों की गरिमा और शारीरिक बनावट पर टिप्पणी करना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
आरोपी की पुलिस हिरासत और अदालत की कार्रवाई
इस मामले में मुख्य आरोपी कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को अहमदाबाद ले जाकर इस प्रकरण से जुड़े अन्य साक्ष्यों को खंगालना है और फरार या संलिप्त अन्य लोगों की पहचान कर मोबाइल फोन समेत अन्य सामग्रियां बरामद करनी हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष अदालत ने पुलिस हिरासत की मांग को स्वीकार कर लिया, जिसके तहत अब आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है।
पीड़ित युवक का बयान और नस्लीय टिप्पणियों के आरोप
त्रिपुरा के कंचनपुर क्षेत्र के आनंद बाजार के रहने वाले पीड़ित लेसोंगित रियांग ने स्पष्ट किया कि घटना से पहले वह आरोपी को बिल्कुल नहीं जानता था। पुलिस और राजनीतिक संगठनों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर युवक की शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाते हुए उसे आपत्तिजनक शब्दों से संबोधित किया था और त्रिपुरा के नाम को भी गलत तरीके से प्रस्तुत किया था। इस अपमानजनक आचरण के खिलाफ त्रिपुरा प्रदेश युवा कांग्रेस ने पहले ही प्राथमिकी दर्ज कराकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
दर्ज की गई कानूनी धाराएं और जांच का दायरा
पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, शांति भंग करने के इरादे से अपमानित करने और सार्वजनिक उपद्रव पैदा करने से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। जांच एजेंसियां इस बात की भी गहराई से छानबीन कर रही हैं कि इस कृत्य में और कौन-कौन लोग शामिल थे, ताकि कानून के दायरे में रहकर उचित और ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


