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    नमामि गंगे मिशन अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिये क्षमता वर्धन कार्यशाला

    भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने संबंधी दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी थीं।

    नदियाँ संस्कृति का केंद्र, संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता: प्रतिमा बागरी

    कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि भारत में नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का केंद्र हैं। आमजन नदियों के जल को सर्वाधिक शुद्ध एवं पवित्र मानते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि डीपीआर तैयार करने संबंधी प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए, जिससे भविष्य की परियोजनाएँ नदी संरक्षण के उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें।

    राज्यमंत्री ने कहा कि डीपीआर बनाते समय प्राकृतिक स्रोतों की उपयोगिता तथा उनके संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सनातन संस्कृति में प्रकृति की पूजा का मूल उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है, क्योंकि नदियों और वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। वृक्ष प्राकृतिक रूप से नदियों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बरसाती नालों की नियमित सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे नदियों को प्रदूषण से बचाने में प्रभावी सहायता मिलती है।

    नमामि गंगे मिशन के 5 प्रमुख स्तंभ

    राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक बृजेन्द्र स्वरूप ने कहा कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा की सहायक नदियों, विशेष रूप से बेतवा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। यह मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप कार्य कर रहा है। उन्होंने मिशन के पाँच प्रमुख स्तंभों की जानकारी दी:

    • अविरल गंगा

    • निर्मल गंगा

    • जन गंगा

    • ज्ञान गंगा

    • अर्थ गंगा

    बेतवा पुनर्जीवन के लिए मील का पत्थर होगी कार्यशाला

    नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला बेतवा नदी के पुनर्जीवन के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

    उपस्थिति एवं समन्वय: कार्यक्रम में नमामि गंगे मिशन के निदेशक धीरज जोशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय पर्यावरण विशेषज्ञ सीताराम टैगोर ने किया।

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