रायगढ़ | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग में आरक्षक (कांस्टेबल) की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 11.30 लाख रुपये की बड़ी ठगी करने के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी अमन यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस सनसनीखेज धोखाधड़ी के मामले में दो अन्य सह-आरोपियों—उत्तरा सिदार और संजू यादव—को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। यह पूरा मामला चक्रधरनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
कांस्टेबल की नौकरी का झांसा देकर की गई ठगी
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर 2025 को प्रार्थी अलेन किड़ो ने चक्रधरनगर थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि आरोपियों ने उनके भतीजे राहुल किड़ो को छत्तीसगढ़ पुलिस में कांस्टेबल के पद पर नौकरी लगवाने का लालच दिया और योजनाबद्ध तरीके से कुल 11 लाख 30 हजार रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि किरोड़ीमल शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ उत्तरा सिदार ने शुरुआत में प्रक्रिया के नाम पर 50 हजार रुपये की माँग की थी। इसमें से पीड़ित ने 30 हजार रुपये उत्तरा सिदार को दिए, जबकि 20 हजार रुपये संजू यादव को सौंपे। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित को यह झांसा दिया था कि यह पूरी राशि रायपुर निवासी विकास सिदार तक पहुँचाई जानी है, जो विभाग में ऊँचे रसूख के जरिए नौकरी लगवाने में मुख्य सहायता करेगा। इसके बाद पीड़ित ने विश्वास में आकर विकास सिदार और उसके अन्य साथियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में अलग-अलग किस्तों में पैसे ट्रांसफर कर दिए।
फर्जी नियुक्ति पत्र और दस्तावेजों से दिया झांसा
पुलिस की विस्तृत जाँच में यह खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपनी ठगी को पुख्ता करने के लिए पीड़ित को कई फर्जी दस्तावेज और जाली शासकीय नियुक्ति पत्र दिखाए थे, ताकि वे पूरी तरह भरोसे में आ सकें। इस गंभीर धोखाधड़ी के सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 468 और 34 के तहत औपचारिक अपराध दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तरा सिदार और संजू यादव को दबोचकर जेल भेज दिया था, जबकि अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी थी।
पुलिस के लगातार दबाव के बाद पकड़ा गया आरोपी
पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते कानूनी दबाव के चलते आखिरकार आरोपी अमन यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करने का प्रयास किया, जहाँ से पुलिस टीम ने उसे तुरंत अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी अमन यादव ने स्वीकार किया कि उसने उत्तरा सिदार और संजू यादव के कहने पर ठगी से प्राप्त अवैध रकम को मँगाने के लिए अपना बैंक खाता नंबर उपलब्ध कराया था, जिसके एवज में उसे भी हिस्सेदारी देने का वादा किया गया था। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और कानूनी औपचारिकताएँ पूरी करने के बाद आरोपी अमन यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।


