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    नीलकंठ का दर्शन, पान का सेवन और… दशहरा पर इन तीन चीजों का करें उपाय, मिट जाएंगे जीवन के सारे संकट

    हिंदू धर्म में दशहरा का पर्व बेहद ही खास माना जाता है. असत्य पर सत्य की जीत का पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ पूरे भारतवर्ष में मनाया जाता है. इस पर्व अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं भी होती हैं. इस दिन नीलकंठ को देखना, पान खाना और शमी के वृक्ष के पूजन का विशेष महत्व रहता है. यही वजह है कि इस दिन नीलकंठ को देखने के लिए भी लोग लालायित रहते हैं और पान भी खाते हैं.

    इसके साथ ही शमी के वृक्ष के पूजन-अर्चन भी करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नीलकंठ देखने से मनुष्य को विजय की प्राप्ति होती है. वहीं, पान खाने से जीवन में सफलता, यश व कीर्ति में वृद्धि होती है. इसके साथ ही शमी के वृक्ष का पूजन करने से विजय की प्राप्ति होती है.
    मनुष्य के जीवन में विजय की प्राप्ति
    विंध्यधाम के विद्वान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने लोकल 18 से बताया कि दशहरा के दिन सबसे ज्यादा महत्व नीलकंठ के देखने को लेकर होती है. इसे भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है. दशहरा के दिन नीलकंठ के दर्शन का विशेष महत्व है और विशेष फल की प्राप्ति भी मनुष्य को होती है. अगर इस दिन नीलकंठ दिखाई पड़े तो मनुष्य के जीवन में विजय की प्राप्ति होती है.

    उनके जीवन में चल रही समस्याओं का अंत होता है और शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के मार्ग भी खुलते हैं. इसलिए नीलकंठ के दर्शन का विशेष फल दशहरा के दिन भक्तों को प्राप्त होता है. नीलकंठ के अलावा शमी के वृक्ष के पूजन का भी विशेष पर प्राप्त होता है. इस दिन शमी के वृक्ष का विधिवत पूजन करने से विजय की प्राप्ति होती है और जीवन के सारे संकट टल जाते हैं.

    शमी वृक्ष पूजन का विशेष महत्व
    अनुपम महाराज से बताया कि शमी वृक्ष पूजन से जीवन में किसी काम में सफलता की प्राप्ति होती है और आपको अपराजय का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. यही वजह है कि दशहरा के दिन शमी के वृक्ष का विधिवत पूजन व अर्चन किया जाता है. विजया दशमी के दिन एक विशेष महामुहूर्त बनता है. इस महामुहूर्त में कोई भी पूजन करने से प्रभु का आशीर्वाद बरसता है और उसे कार्य में विशेष सफलता की प्राप्ति होती है.
    विजयादशमी के दिन पान खाने का भी विशेष महत्व है. इस दिन पान खाने से आपके जीवन में सफलता या स्वीकृत की प्राप्ति होती है. यही वजह है कि दशहरा के दिन लोग पान खाते हैं और यश, कीर्ति और वैभव की प्राप्ति को लेकर प्रार्थना भी करते हैं.

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