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    CBI का बड़ा कदम: NEET पेपर लीक मामले में महाराष्ट्र के कई बड़े नाम रडार पर

    नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET) के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपना शिकंजा और कस दिया है। जांच का दायरा बढ़ाते हुए केंद्रीय एजेंसी ने अब उन संदिग्ध अभिभावकों (पेरेंट्स) को समन भेजकर पूछताछ शुरू कर दी है, जिन्होंने अपने बच्चों को अवैध रूप से फायदा पहुंचाने के लिए लीक प्रश्नपत्र खरीदे थे। सीबीआई अब न सिर्फ मुख्य साजिशकर्ताओं और सॉल्वर गैंग को दबोच रही है, बल्कि उन चेहरों को भी बेनकाब कर रही है जो इस धांधली के प्रत्यक्ष लाभार्थी रहे हैं।

    महाराष्ट्र से जुड़े तार; लातूर और पुणे में सीबीआई का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच एजेंसी के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि लीक प्रश्नपत्र को एक संगठित सिंडिकेट के जरिए महाराष्ट्र के रास्ते देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा गया था। यही वजह है कि सीबीआई की विशेष टीमों का पूरा ध्यान इस समय महाराष्ट्र के लातूर और पुणे जैसे प्रमुख जिलों पर केंद्रित है। इन ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ का दौर जारी है।

    10 से ज्यादा अभिभावक हिरासत में; सौदेबाजी की रकम और बिचौलियों का खुलेगा राज

    सीबीआई मुख्य रूप से इस बात की पड़ताल कर रही है कि प्रश्नपत्रों का यह अवैध वितरण श्रृंखला (चैन) के रूप में किस तरह आगे बढ़ा, इस पूरे खेल में किसने मध्यस्थ (दलाल) की भूमिका निभाई और प्रति छात्र कितनी मोटी रकम की सौदेबाजी तय हुई थी। जानकारी के मुताबिक, अब तक 10 से अधिक संदिग्ध अभिभावकों और छात्रों से सघन पूछताछ की जा चुकी है। एजेंसी के पास ऐसे इनपुट्स हैं कि कई लोगों ने परीक्षा से ठीक पहले एडवांस पेमेंट देकर प्रश्नपत्रों की कॉपियां हासिल कर ली थीं।

    नामी डॉक्टर भी जांच के दायरे में; सबूत जुटाने के बाद हो सकती हैं बड़ी गिरफ्तारियां

    इस पूरे रैकेट में समाज के रसूखदार लोगों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। लातूर के एक नामी बच्चों के डॉक्टर (पेडियाट्रिशियन) का नाम भी इस जांच की जद में आया है, जिन पर अपने बेटे के लिए पेपर खरीदने का गंभीर आरोप है। हालांकि, पुख्ता कानूनी कार्रवाई से पहले सीबीआई तमाम तकनीकी और डिजिटल सबूतों को इकट्ठा करने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ेंगी, देश के अन्य हिस्सों में सक्रिय इसी तरह के समानांतर नेटवर्क का भी भंडाफोड़ होगा और आने वाले दिनों में कुछ और वीआईपी गिरफ्तारियां देखने को मिल सकती हैं।

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