जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक पुराना दो मंजिला मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिरने से इलाके में हड़कंप मच गया। मलबे के नीचे दबे 10 से अधिक लोगों का स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से सफल रेस्क्यू किया गया है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी भी प्रकार की बड़ी जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। फिलहाल घटनास्थल से मलबा हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने का कार्य तेजी से जारी है।
राहत और बचाव कार्य शुरू, चीख-पुकार के बाद दौड़े लोग
यह पूरी दुर्घटना सोमवार, 5 अक्टूबर की शाम करीब 5 बजे की है। जबलपुर के तिलक वार्ड में स्थित नया मोहल्ला क्षेत्र में एक पुरानी दो मंजिला इमारत का छज्जा अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में आने से 10 से ज्यादा लोग अंदर ही फंस गए। अचानक हुए इस हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। रोने-चिल्लाने की आवाज सुनते ही आसपास के तमाम पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े और अपनी जान जोखिम में डालकर तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया।
दीवार तोड़कर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
इस हादसे की तुरंत सूचना दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को दी गई। दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। घर का मुख्य रास्ता और दरवाजा बाधित हो जाने के कारण बचाव दल को एक दीवार तोड़नी पड़ी, जिसके बाद घर के भीतर घुसकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। मलबे को पूरी तरह हटाकर 10 से अधिक लोगों को सकुशल बचा लिया गया है। प्रशासन के अनुसार इस दुर्घटना में किसी भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
सौ साल से ज्यादा पुरानी थी जर्जर इमारत
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह मकान पूरी तरह से ईंट, मिट्टी और पुरानी लकड़ी से निर्मित था। बताया जा रहा है कि यह इमारत 100 साल से भी अधिक पुरानी और बेहद जर्जर हालत में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी कमजोरी के कारण इमारत का एक हिस्सा सोमवार को अचानक ढह गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद शगुफ्ता उस्मानी तुरंत मौके पर पहुँचीं और पूरे हालात का जायजा लिया। इसके अलावा पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल प्रभाव से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।


