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    प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन का एक अनुपम संगम है छठ महापर्व – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा, छठ महापर्व (Chhath Mahaparva) प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन (Nature, Devotion and Discipline) का एक अनुपम संगम है (Is a unique Confluence) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सभी लोग स्वस्थ, सुख और समृद्धि का जीवन पाएं और यह महान परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी जारी रहे।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा, “आप सभी पर छठी माता की कृपा बनी रहे। परिवार के लिए कठिन व्रत रखने वाली माताओं और बहनों को मेरी तरफ से विशेष मंगलकामनाएं। जय छठी माता।” उन्होंने कहा, “छठ महापर्व प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन का एक अनुपम संगम है। सूर्य उपासना के माध्यम से यह हमें जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और संतुलन का संदेश देता है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है। छठी मइया की कृपा से व्रती अपने संकल्प में सफल    हों।”

    इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “समस्त श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय-खाय की हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मैया के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो, यही प्रार्थना है।”

    उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संदेश में लिखा, “समस्त श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय-खाय की हार्दिक शुभकामनाएं।” गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने भी छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं।”

    छठ महापर्व शनिवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ शुरू हुआ। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होने वाली छठ पूजा का समापन सप्तमी तिथि (28 अक्टूबर) को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। ‘संध्या अर्घ्य’ (डूबते सूर्य को शाम का अर्घ्य) का मुख्य अनुष्ठान 27 अक्टूबर को होगा, जिसके बाद अगले दिन ‘उषा अर्घ्य’ (सुबह का अर्घ्य) होगा। यह पर्व बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है।

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