More
    Homeराज्यगुजरातमोदी के जन्मदिन पर वडनगर के बचपन के दोस्त का भावुक पत्र,...

    मोदी के जन्मदिन पर वडनगर के बचपन के दोस्त का भावुक पत्र, दोस्ती को बताया कृष्ण-सुदामा जैसी

    अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके बचपन की एक पुरानी और अटूट आत्मीयता फिर चर्चा के केंद्र में है। गुजरात के वडनगर निवासी उनके बाल सखा शामलदास मोदी ने प्रधानमंत्री को एक भावुक पत्र लिखकर साथ बिताए दिनों की पुरानी यादों को ताजा किया है।

    अपने पत्र में उन्होंने प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए उनकी तुलना श्रीकृष्ण-सुदामा की निष्छल दोस्ती से की है और उनके उत्तम स्वास्थ्य व दीर्घायु की कामना की है।

    "साधारण परिवार में जन्मे, लेकिन इरादे बचपन से ही थे फौलादी"

    शामलदास मोदी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री मोदी आज जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव उनके बचपन में ही रच दी गई थी:

    • फौलादी इरादे: एक बेहद साधारण परिवार से आने के बावजूद 'नरेंद्र भाई' का संकल्प हमेशा मजबूत रहा।

    • सेवा भावना: उनमें बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा और किसी भी लक्ष्य को पाने का अटूट इरादा साफ नजर आता था। यही वजह रही कि एक छोटे से कस्बे से निकलकर उन्होंने वैश्विक पटल पर देश का मान बढ़ाया।

    हाटकेश्वर महादेव से मांगी दीर्घायु की प्रार्थना

    प्रधानमंत्री की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए उनके बाल सखा ने वडनगर के आराध्य देव के दर पर शीश नवाया:

    • विशेष पूजा-अर्चना: शामलदास ने वडनगर के सुप्रसिद्ध 'हाटकेश्वर महादेव' मंदिर में विशेष प्रार्थना कर पीएम मोदी के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और अनवरत देश सेवा की शक्ति मांगी।

    मातृभूमि का बदला स्वरूप: पर्यटन के नक्शे पर चमका वडनगर

    पत्र में शामलदास ने अपने गृहनगर की बदलती तस्वीर को लेकर भी प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया:

    • सांस्कृतिक पहचान: जिस वडनगर की धूल में दोनों दोस्त खेलकर बड़े हुए, वह आज अपनी ऐतिहासिक और समृद्ध विरासत के बल पर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बना चुका है।

    • मातृभूमि से जुड़ाव: जन्मभूमि के कायाकल्प को उन्होंने पीएम मोदी के अपनी जड़ों के प्रति गहरे लगाव और संवेदनशीलता का प्रमाण बताया।

    वर्षों बीत जाने और अपने साथी के देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बावजूद, शामलदास मोदी के मन में वही पुरानी आत्मीयता रची-बसी है। दिल की भावनाओं को पत्र में उड़ेलने के बाद अब उन्हें नई दिल्ली से अपने प्रिय दोस्त के जवाब का बेसब्री से इंतजार है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here