भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सभी जिलों में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सरकार की तमाम फ्लैगशिप योजनाओं तथा विकास कार्यक्रमों के मैदानी स्तर पर हो रहे क्रियान्वयन का विस्तृत फीडबैक प्राप्त किया। इसके साथ ही, आगामी सभी पर्वों और उत्सवों को पूरी तरह सुरक्षित तथा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए कानून-व्यवस्था की चाक-चौबंद तैयारियां सुनिश्चित करने के सख्त और स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के कड़े निर्देश
आगामी दीपावली और अन्य सामाजिक-धार्मिक मेलों के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि त्यौहारों के समय किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या असामाजिक तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम तुरंत उठाए जाएं। भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक बाजारों और व्यावसायिक केंद्रों पर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए नियमित पेट्रोलिंग की जाए तथा महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। किसी भी जिले में विषम परिस्थिति पैदा होने पर वहां के कलेक्टर और एसपी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।
कार्बाइड गन पर पूर्ण प्रतिबंध और पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर निर्मित खतरनाक कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप का उपयोग मानव जीवन के लिए बेहद घातक है, इसलिए इनके इस्तेमाल पर पूरी तरह से सख्ती से रोक लगाई जाए। पटाखों के विक्रय के लिए लाइसेंस जारी करते समय सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और दुकानों का भौतिक सत्यापन किया जाए। विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर कड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय और उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए। इसके अलावा, आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर दमकल वाहन, एंबुलेंस और अस्पतालों में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त अभियान
त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटखोरों पर नकेल कसते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बाजार में किसी भी स्थिति में नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयां नहीं बिकनी चाहिए। इसके लिए विशेष जांच दलों का गठन कर लगातार औचक निरीक्षण किए जाएं। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाए और अस्वच्छ तथा अवैध रूप से मिठाइयां बनाने वाले प्रतिष्ठानों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासन द्वारा अब तक मिलावट के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए कई लाइसेंस निलंबित किए जाने और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जानकारी भी बैठक में दी गई।


