More
    Homeदुनियाकॉकपिट में सह-पायलट ने कप्तान पर किया हमला, मछार ने नेतन्याहू को...

    कॉकपिट में सह-पायलट ने कप्तान पर किया हमला, मछार ने नेतन्याहू को सुनाया घटनाक्रम

    फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या 1073 के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट के भीतर ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कप्तान स्मित मछार पर अचानक हमला बोल दिया। जिस वक्त यह घटना हुई, विमान हवा में उड़ान भर रहा था और कप्तान पर लगातार वार किए जा रहे थे। हालात इतने ज्यादा बिगड़ गए कि विमान बेकाबू होकर तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा। शनिवार को इस गंभीर घटना के बाद इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मछार को फोन किया और उनकी अदम्य साहस व बहादुरी की खुलकर सराहना की। इस बातचीत के दौरान कैप्टन मछार ने उस खौफनाक घटना की पूरी दास्तां साझा की कि कैसे उन्होंने अपनी जान की बाजी लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोला और विमान को सुरक्षित बचाने का रास्ता निकाला।

    'शुरुआत में लगा कि विमान को कोई बहुत बड़ी तकनीकी क्षति हुई है'

    प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत में कैप्टन मछार ने बताया कि इस जानलेवा हमले से कुछ मिनट पहले ही उनके सह-पायलट ने उनसे कहा था कि वह नमाज या प्रार्थना करने के लिए जा रहे हैं। इसके लगभग चार-पांच मिनट बाद ही अचानक उनके सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार वार हुआ। मछार के मुताबिक, शुरुआती पलों में उन्हें ऐसा लगा कि शायद विमान किसी भयंकर दुर्घटना का शिकार हो गया है या उसे कोई बहुत बड़ी तकनीकी क्षति पहुँची है। लेकिन अगले ही पल जब लगातार वार होने लगे, तब उन्हें अहसास हुआ कि विमान में कोई यांत्रिक खराबी नहीं है, बल्कि कॉकपिट के भीतर मौजूद दूसरा व्यक्ति ही उन पर कातिलाना हमला कर रहा है।

    क्रैश एक्स से किया गया हमला और सह-पायलट की नापाक कोशिश

    संयुक्त अरब अमीरात के महाअभियोजक के अनुसार, आरोपी सह-पायलट अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखे आपातकालीन उपकरण 'क्रैश एक्स' से कैप्टन मछार पर हमला किया था। इसके बाद उसने विमान के नियंत्रण को पूरी तरह से अपने हाथ में लेने की कोशिश की। आपको बता दें कि क्रैश एक्स एक विशेष आपातकालीन उपकरण होता है, जिसे विमान के कॉकपिट में किसी भी अनहोनी या आपदा से निपटने के लिए रखा जाता है। लगातार हुए इन हमलों के कारण कैप्टन मछार की आंखों की रोशनी भी लगभग धुंधलाने लगी थी और इसी बीच उन्हें महसूस हुआ कि विमान अत्यधिक गति से नीचे की तरफ गिर रहा है।

    कॉकपिट का दरवाजा खोलने की पहली कोशिश और जान बचाने की जद्दोजहद

    मछार ने बताया कि उन्होंने कॉकपिट का भारी दरवाजा खोलने की पहली कोशिश की, लेकिन हमलावर सह-पायलट ने उन्हें रोक दिया, जिसके चलते वह जमीन पर गिर पड़े। कॉकपिट के बाहर से यात्रियों और क्रू (चालक दल) के सदस्यों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी और अंदर स्थिति बद से बदतर होती जा रही थी। मछार ने कहा कि उस डरावने पल में उनके दिमाग में केवल एक ही बात चल रही थी—यदि उन्होंने अब कुछ नहीं किया, तो उनकी मौत तय है। उन्होंने अपनी शरीर की बची हुई आखिरी ताकत को इकट्ठा किया और किसी तरह घिसटते हुए दरवाजे तक पहुँचे।

    'आखिरी ताकत झोंक दी और खोल दिया दरवाजा'

    कैप्टन मछार ने नेतन्याहू को पूरी बात बताते हुए कहा, 'उस वक्त मेरे मन में सिर्फ यही विचार आया कि अगर मैंने खुद को नहीं बचाया तो मैं मारा जाऊंगा। मेरे अंदर जो जरा सी भी आखिरी ताकत बची थी, मैंने उसे पूरी तरह झोंक दिया। मैं किसी तरह दरवाजे तक पहुँचा और उसे खोलने में कामयाब हो गया।' दरवाजा खुलते ही बाहर खड़े यात्रियों को कॉकपिट के अंदर दाखिल होने का मौका मिल गया। यात्रियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए हमलावर को दबोच लिया और विमान को सुरक्षित संभालने में बड़ी मदद की।

    'किस्मत का ट्विस्ट' और नेतन्याहू का मजेदार संवाद

    मछार ने समझाया कि कॉकपिट का दरवाजा अंदर से एक घुमाने वाले तंत्र यानी 'ट्विस्ट-टू-ओपन मैकेनिज्म' के जरिए खोला जाता है, जबकि बाहर से खोलने के लिए एक विशेष कोड की आवश्यकता होती है। उनके साथी बाहर से कोड डालकर दरवाजा खोलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हमलावर लगातार उस प्रक्रिया में बाधा डाल रहा था। इसके बाद मछार ने खुद दरवाजे के हैंडल तक पहुँचकर उसे एक छोटा और तेज मरोड़ दिया, जिससे वह खुल गया और यात्रियों का रास्ता साफ हो गया। कैप्टन की इस बात पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने शब्दों का अनूठा खेल खेलते हुए टिप्पणी की, 'यह वास्तव में किस्मत का एक गजब का ट्विस्ट है, और विश्वास का भी ट्विस्ट है। आपने जो अಸಾधारण कार्य किया है, वह अद्भुत है।'

    'आप इस्राइल, भारत और पूरी दुनिया के सच्चे हीरो हैं'

    इस्राइल के प्रधानमंत्री ने कैप्टन मछार की पीठ थपथपाते हुए उनकी बहादुरी की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'आप इस्राइल के भी हीरो हैं, भारत के भी हीरो हैं और पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि यहाँ के लोग खुले दिल से आपका स्वागत करेंगे।' नेतन्याहू ने बातचीत के दौरान यह भी इच्छा जताई कि वे कैप्टन मछार और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल के आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहते हैं। हालांकि, नियमों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल प्रज्वलित करने वालों के चयन की एक निश्चित सरकारी प्रक्रिया होती है, और प्रधानमंत्री अकेले इस पर अंतिम निर्णय नहीं ले सकते। फिलहाल इस भयावह घटना के बाद घायल कैप्टन स्मित मछार को बेहतर इलाज और चिकित्सीय देखरेख के लिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रखा गया है। हवा में हुई इस सनसनीखेज घटना ने न केवल उड़ान में सवार यात्रियों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान लगाया है, बल्कि कॉकपिट की सुरक्षा व्यवस्था को भी नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here