भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी वरुण कुमार से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है। पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा दिए जा रहे बयानों और किए जा रहे चौंकाने वाले खुलासों ने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि आईएएस एक बड़ा प्रशासनिक पद और ब्रांड होता है, लेकिन पूर्व अधिकारी का व्यवहार और बातचीत करने का तरीका काफी रूखा और अपमानजनक था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के मन में पूर्व अधिकारी के प्रति लंबे समय से गहरा असंतोष और रंजिश पनप रही थी, जिसे उसने इस वारदात को अंजाम देने की मुख्य वजह बताया है।
फरार होने की वजह और अजीबो-गरीब तर्क
रातीबड़ थाना पुलिस की पूछताछ में जब आरोपी से अपराध करने के बाद मौके से भागने का कारण पूछा गया, तो उसने बेहद अजीब तर्क पेश किया। आरोपी ने कहा कि यदि वह वारदात के तुरंत बाद पकड़ा जाता तो उसे कोई पहचान नहीं पाता, और बिना भागे वह बड़ा अपराधी कैसे बनता। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी की यह सोच उसकी विकृत मानसिकता और सनक को दर्शाती है। इसके अलावा घर के अन्य कामगारों और स्टाफ ने भी आरोपी के उग्र और गुस्सैल स्वभाव की पुष्टि की है।
अपमानजनक टिप्पणियों से बढ़ा आक्रोश
आरोपी वरुण कुमार ने पुलिस को दिए अपने बयान में आरोप लगाया कि पूर्व अधिकारी उससे अक्सर अनुचित और अपमानजनक बातें करते थे। उसने बताया कि जब वह उनके पैर दबाता था, तो वे उसके हाथों को लेकर तंज कसते हुए कहते थे कि तुम्हारे हाथ महिलाओं जैसे हैं। आरोपी के अनुसार, इस तरह की व्यक्तिगत और बार-बार की जाने वाली टिप्पणियों के कारण उसके भीतर काफी गुस्सा भर गया था, जो अंततः इस गंभीर घटना के रूप में बाहर आया।
अस्पताल में भर्ती और पुलिस की आगामी कार्रवाई
वारदात के बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान हुए शॉर्ट एनकाउंटर में आरोपी वरुण के पैर में चोट आई थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का प्राथमिक बयान दर्ज कर लिया गया है और अस्पताल से छुट्टी मिलने के पश्चात मामले की बारीकियों को समझने के लिए क्राइम सीन रिक्रिएट कराया जाएगा। आरोपी के पारिवारिक पृष्ठभूमि की पड़ताल में सामने आया है कि उसकी पत्नी उससे अलग हो चुकी है और पिता ने तीसरा विवाह कर लिया है, जिसके कारण उसमें किसी सजा या जेल जाने का कोई खौफ नजर नहीं आ रहा है।



