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    रक्षा मंत्री पर कांग्रेस का हमला, ‘लोकसभा में झूठ बोलने’ का लगाया आरोप

    नई दिल्ली: देश में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले 6 शहीद जवानों के नाम सामने आने के बाद अब इस पर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सीधे निशाने पर लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि रक्षा मंत्री ने इस संवेदनशील मुद्दे पर लोकसभा के भीतर देश की जनता के सामने झूठ बोला। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) से रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर संसद को गुमराह करने का आरोप

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा कि लोकसभा में जब ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बहस हो रही थी, तब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के सामने जो बयान दिया, वह पूरी तरह से असत्य था। वेणुगोपाल के अनुसार, यह एक स्पष्ट और सोची-समझी रणनीति के तहत बोला गया झूठ था, जिसका मकसद संसद और देश को गुमराह करना था। अब शहीदों के नाम सार्वजनिक होने के बाद कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांग रही है।

    शहीदों के नाम छिपाने पर उठाए गंभीर सवाल

    कांग्रेस नेता ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जुलाई 2025 में रक्षा मंत्री ने सदन में यह दावा कैसे कर दिया कि इस पूरे ऑपरेशन में भारत का कोई भी सैनिक शहीद नहीं हुआ है? जबकि ठीक एक साल बाद खुद सशस्त्र बलों (सेना) ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की है कि इस अभियान में हमारे 6 जांबाज जवानों ने देश के लिए अपनी जान न्योछावर की थी। केसी वेणुगोपाल ने इसे देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों का बड़ा अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि खुद को राष्ट्रवादी कहने वाली सरकार ने दुश्मनों से लड़ते हुए शहीद हुए जवानों की शहादत को देश से छिपाकर रखा।

    लोकसभा अध्यक्ष से विशेषाधिकार हनन कार्रवाई की मांग

    इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने अब रक्षा मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कानूनी और संसदीय कदम उठाने का फैसला किया है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय नियमों के मुताबिक, अगर कोई भी मंत्री संसद के भीतर गलत जानकारी देता है या जरूरी तथ्यों को छुपाता है, तो यह सीधे तौर पर सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन और उसकी अवमानना माना जाता है। इसी आधार पर उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र भेजा है और मांग की है कि देश से सच छुपाने के आरोप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ तुरंत विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई शुरू की जाए।

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