More
    Homeराजनीतिबजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगी कांग्रेस, सोनिया गांधी...

    बजट सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगी कांग्रेस, सोनिया गांधी करेंगी बैठक की अध्यक्षता

    नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी 27 जनवरी को दोनों सदनों के सीनियर नेताओं के साथ एक स्ट्रेटेजी मीटिंग करेंगी. इसमें 28 जनवरी से शुरू हो रहे संसद बजट सत्र के दौरान एनडीए सरकार का मुकाबला करने का प्लान बनाया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी.

    कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक पुराने ग्रामीण रोजगार कानून मनरेगा में बदलाव के अलावा, जिसके खिलाफ कांग्रेस पूरे देश में कैंपेन चला रही है. खासकर दक्षिणी राज्यों कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु में गवर्नर की भूमिका का राजनीतिकरण, कई राज्यों में वोटर लिस्ट के चल रहे एसआईआर में गड़बड़ियां, चीन और पाकिस्तान के संबंध में विदेश नीति की चुनौतियां और खासकर हाल के अमेरिकी टैरिफ के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियां, इन सभी मुद्दों को बजट सेशन के दौरान कांग्रेस उठा सकती है.

    लोकसभा में कांग्रेस के व्हिप मोहम्मद जावेद ने ईटीवी भारत से कहा, 'मनरेगा हमारे लिए एक अहम मुद्दा है, लेकिन कई और मामले भी हैं जिन पर हम बजट सेशन के दौरान चर्चा करना चाहेंगे. इसमें विदेश नीति, अर्थव्यवस्था की हालत, बेरोजगारी, लोगों के लिए साफ पीने का पानी और हवा, नागरिकों के वोट देने के अधिकार जैसे मुद्दे शामिल हैं.'

    28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा दोनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी. वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की उपलब्धियों पर एक स्पीच पढ़ेंगी, जिसे कैबिनेट ट्रेडिशन के हिसाब से तैयार करेगी. कांग्रेस के अंदर के लोगों ने कहा कि पार्टी कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के गवर्नर से जुड़े हालिया विवादों से नाराज है. जिनके विधानसभाओं में बर्ताव पर राज्य सरकारों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. कांग्रेस कर्नाटक में राज करती है और तमिलनाडु में डीएमके की सरकार का समर्थन करती है. केरल में सीपीआई-एम की एलडीएफ सरकार है.

    पार्टी के अंदर के लोगों के मुताबिक तमिलनाडु के गवर्नर आरएन रवि ने विधानसभा में आम भाषण देने से मना कर दिया और कैबिनेट का तैयार किया हुआ भाषण पढ़े बिना ही चले गए. केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने कैबिनेट से मंजूरी पाए भाषण के कुछ खास हिस्सों को नहीं पढ़ा, और कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने असेंबली के स्पेशल जॉइंट सेशन में कैबिनेट के तैयार किए हुए भाषण की कुछ ही लाइनें पढ़ीं और फिर सदन से बाहर चले गए.

    जावेद ने कहा, 'हम कहते रहे हैं कि संवैधानिक ऑफिस और संस्थाओं को बचाने की जरूरत है. हम हाल ही में दक्षिणी राज्यों में गवर्नर के ऑफिस के राजनीतिकरण को लेकर चिंतित हैं. मुझे यकीन है कि विपक्ष इस मुद्दे को एक साथ उठाना चाहेगा.' कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य सैयद नसीर हुसैन ने बीजेपी पर गवर्नर के संवैधानिक पद का राजनीतिकरण करके संघवाद को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे काम संविधान के नियमों के खिलाफ हैं.

    हुसैन ने ईटीवी भारत को बताया, 'संविधान के आर्टिकल 176 के तहत, गवर्नर का भाषण चुनी हुई सरकार का पॉलिसी स्टेटमेंट होता है, जिसे काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स तैयार करती है. आर्टिकल 163 के तहत, गवर्नर काउंसिल की मदद और सलाह पर काम करने के लिए मजबूर है. कैबिनेट का भाषण पूरा न देना अपनी मर्जी का इस्तेमाल नहीं है, बल्कि संवैधानिक ड्यूटी से साफ तौर पर भटकना है.

    इस तरह का व्यवहार बीजेपी की जानी-पहचानी चाल को दिखाता है, जिसमें गैर-बीजेपी राज्य सरकारों पर लगातार दबाव बनाए रखने के लिए संवैधानिक ऑफिसों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे गवर्नर का ऑफिस एक न्यूट्रल संवैधानिक अथॉरिटी से राजनीतिक टकराव का एक टूल बन जाता है.'

    कांग्रेस सरकार से विदेश नीति के मामलों, खासकर चीन के भारतीय इलाकों पर झूठे दावों और पाकिस्तान से बॉर्डर पार आतंकवाद पर सवाल पूछ रही है. वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कपड़ा निर्यात पर 50 फीसदी अमेरिकी टैरिफ के बुरे असर की बात कही, जिससे नौकरियां गईं, फैक्ट्रियां बंद हुई और ऑर्डर कम हुए.

    पार्टी के अंदर के लोगों ने बताया कि बजट सेशन के दौरान कांग्रेस मध्य प्रदेश के इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई कई मौतों, दिल्ली में एयर पॉल्यूशन के हाई लेवल और उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को निशाना बनाने जैसे मुद्दों को भी उठा सकती है. यह सबसे पुरानी पार्टी बजट सेशन के दौरान एनडीए का मुकाबला करने के लिए दूसरी एक जैसी सोच वाली पार्टियों के साथ कॉमन ग्राउंड बनाने की कोशिश करेगी और सत्र की शुरुआत में I.N.D.I.A. ब्लॉक के साथियों के साथ एक स्ट्रेटेजी सेशन करेगी. अंदर के लोगों ने बताया कि कांग्रेस चीफ और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी यह रोल निभाएंगे.

    हुसैन ने कहा, 'ऐसे कई मुद्दे हैं जिन पर हम सरकार से जवाब चाहते हैं. जिस तरह से एसआईआर के तहत राज्य की वोटर लिस्ट से बड़ी संख्या में नाम हटाए जा रहे हैं, उससे इस काम पर शक पैदा हुआ है. यह मुद्दा पार्टी लाइन से ऊपर है और इसलिए जरूरी है. आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा करने की जरूरत है क्योंकि 1 अमेरिकी डॉलर का एक्सचेंज रेट 91 रुपये हो गया है. हम आने वाले सेशन के लिए एक जॉइंट स्ट्रैटेजी के लिए अपने सहयोगियों से भी बात करेंगे.'

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here