जयपुर। राजनीतिक आयोजनों में नौजवानों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए कांग्रेस को राजस्थान में भविष्य की नई राह दिखाई दे रही है। कोटा में राहुल गांधी के कार्यक्रम को मिले शानदार जनसमर्थन के बाद सूबे की कांग्रेस इकाई ने इस मुहिम को पूरे प्रदेश में विस्तार देने का फैसला किया है। पार्टी नेतृत्व ने आगामी 28 जून तक सभी जिलों में एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और जिला संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के लिए विशेष ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत ये कार्यकर्ता पढ़ाई और नौकरी जैसे बुनियादी सवालों को लेकर ग्रामीण इलाकों में घर-घर दस्तक देंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के मार्गदर्शन में होने वाले इन शिविरों में राहुल गांधी के कोटा वाले भाषण का वीडियो बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा और कार्यकर्ताओं को सिखाया जाएगा कि वे युवाओं से जुड़े मुद्दों को आंकड़ों के साथ जनता के सामने कैसे रखें।
विशेषज्ञों की मदद से तैयार होगी युवाओं को साधने की रणनीति
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कोटा के मंच से राहुल गांधी ने देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली की खामियों और नौजवानों के सामने खड़ी चुनौतियों को बेहद तार्किक ढंग से पेश किया था। उन्होंने नीट परीक्षा की गड़बड़ियों, पढ़ाई के बजट में कटौती, छात्र-छात्राओं पर बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या जैसी दुखद घटनाओं का हवाला देकर व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया था। कांग्रेस अब इसी नैरेटिव को आम लोगों के बीच ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए जिला स्तर पर लगने वाले ट्रेनिंग कैंपों में विषय विशेषज्ञ बुलाए जा रहे हैं, जो कार्यकर्ताओं को प्रभावी ढंग से प्रेजेंटेशन देने और अपनी बात को दमदार तरीके से जनता के बीच रखने के गुर सिखाएंगे।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद जमीन पर उतरेगी कांग्रेस की युवा विंग
सभी जिलों में प्रशिक्षण सत्र संपन्न होने के तुरंत बाद एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और मुख्य संगठन के तैयार किए गए कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएंगे। ये टीमें सीधे तौर पर विद्यार्थियों और आम नागरिकों के बीच जाकर शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर पार्टी का दृष्टिकोण साझा करेंगी। इसके साथ ही हर जिले में स्थानीय स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। जिला अध्यक्षों, विधायकों और सांसदों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय मीडिया के माध्यम से युवाओं और छात्रों से जुड़े सवालों को पुरजोर तरीके से उठाएं।
रोजगार और शिक्षा के सहारे नए वोटबैंक को जोड़ने की कवायद
कांग्रेस रणनीतिकारों का मानना है कि कोटा के कार्यक्रम में उमड़ी नौजवानों की भारी भीड़ इस बात का सबूत है कि रोजगार और बेहतर शिक्षा जैसे विषय आज की पीढ़ी के लिए सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। पार्टी को पूरा भरोसा है कि इस नए अभियान के माध्यम से युवाओं का झुकाव कांग्रेस की तरफ बढ़ेगा। इसी रणनीति के तहत एनएसयूआई और युवा कांग्रेस को कॉलेजों और कोचिंग सेंटरों के आसपास अधिक सक्रिय रहने और छात्र राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने का विशेष जिम्मा सौंपा गया है।


