More
    HomeराजनीतिBJP, शिंदे शिवसेना और NCP में बनी सहमति, चुनाव में गठबंधन धर्म...

    BJP, शिंदे शिवसेना और NCP में बनी सहमति, चुनाव में गठबंधन धर्म निभाने का फैसला

    मुंबई: महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ 'महायुति' गठबंधन के प्रमुख घटक दलों ने आगामी सभी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ मिलकर लड़ने का औपचारिक फैसला लिया है। गठबंधन की समन्वय समिति की अहम बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेशाध्यक्ष और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि सहयोगी दलों के बीच आपसी तालमेल बनाए रखने और सार्वजनिक बयानबाजी पर अंकुश लगाने के लिए कड़े नियम तय किए गए हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित गठबंधन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

    सार्वजनिक आलोचना पर रोक और कड़ा अनुशासन

    गठबंधन में हाल के दिनों में उभरे मतभेदों और ऑडियो क्लिप विवादों के बाद नेताओं को सख्त हिदायत जारी की गई है।

    • आलोचना पर पाबंदी: महायुति के किसी भी घटक दल का नेता या कार्यकर्ता सार्वजनिक मंचों या मीडिया में अपने सहयोगियों के खिलाफ विरोधाभासी या आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं करेगा।

    • आंतरिक संवाद: बावनकुले ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की असहमति या शिकायत होने पर उसे गठबंधन की आंतरिक बैठकों में सुलझाया जाएगा।

    • नियमित बैठकें: समन्वय को सुचारू बनाए रखने के लिए हर दो महीने में महायुति समन्वय समिति की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी।

    नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को किया खारिज

    राज्य में नेतृत्व बदलने और मुख्यमंत्री बदलने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए भाजपा नेतृत्व ने स्थिति साफ की। बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को बदलने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोधी दल जनादेश से घबराकर इस तरह की अफवाहें फैला रहे हैं, जबकि महायुति सरकार अपने विकास एजेंडे पर मजबूती से आगे बढ़ रही है।

    निगमों में नियुक्तियां और प्रशासनिक तालमेल

    बैठक में राज्य के विभिन्न निगमों में लंबित नियुक्तियों और विकास निधि के समुचित आवंटन को लेकर भी आम सहमति बनी:

    • एक महीने में नियुक्तियां: राज्य के लगभग 170 निगमों और बोर्डों में खाली पड़े 650 से अधिक पदों पर कार्यकर्ताओं और नेताओं की नियुक्तियां अगले 30 दिनों में पूरी की जाएंगी।

    • विकास निधि का फॉर्मूला: जिला पालक मंत्रियों को विकास कार्यों के लिए तय वित्तीय फॉर्मूले के तहत निधि का संतुलन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    • शिक्षा क्षेत्र में सुधार: राज्य के सरकारी और आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों के बुनियादी ढांचे को सुधारने और शैक्षणिक नीतियों को प्रभावी बनाने पर सहमति जताई गई।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here