रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भगवान शिव को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उपजा विवाद अब और अधिक गहरा गया है। इस मामले में तीखा विरोध जताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद छत्तीसगढ़ बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी अरुण पन्नालाल के आवास का जोरदार घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया था। अब स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया है।
संवेदनशील इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
भारतीय जनता पार्टी और बजरंग दल के आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने भगवान शिव के खिलाफ अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आरोपियों पर देश के कानून के तहत बेहद कठोर कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर माँग की है। पूरा मामला रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। घटना की अत्यधिक संवेदनशीलता और बिगड़ते माहौल को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने अरुण पन्नालाल के घर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात कर दिया था।
शिव भक्तों की आस्था को पहुँचा है भारी आघात— भाजपा नेता
रायपुर पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हंसराज गोयल नामक एक व्यक्ति द्वारा भगवान शिव को लेकर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा की गई थी। इसके बाद क्रिश्चियन फोरम के पदाधिकारी द्वारा भी उस पर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिसके परिणामस्वरूप यह विवाद तेजी से बढ़ गया। इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि पवित्र सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और साधना के लिए सबसे ज्यादा पावन माना जाता है। ऐसे पवित्र समय में देवों के देव महादेव और शिवलिंग को लेकर इस तरह की अभद्र टिप्पणियाँ करना देश और दुनिया के करोड़ों शिव भक्तों की धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर आहत करने जैसा है।
बजरंग दल के जिलाध्यक्ष ने की कठोर सजा की माँग
छत्तीसगढ़ बजरंग दल के जिलाध्यक्ष योगेश सैनी ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की माँग उठाई है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि कुछ लोग विदेशी फंडिंग के बल पर सनातन संस्कृति और हिंदू आस्था का लगातार अपमान करने का दुस्साहस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी द्वारा अपने आवास के संबंध में भी नियमों की अनदेखी की गई है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में बिना किसी ढिलाई के ठोस और कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।


