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    ब्रिटेन में सत्ता परिवर्तन, एंडी बर्नहैम बने नए प्रधानमंत्री; कीर स्टार्मर ने छोड़ा पद

    लंदन। ब्रिटेन में राजनीतिक हलचलों के बीच सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कीर स्टार्मर के पद छोड़ने के बाद सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के नेतृत्व चुनाव में निर्विरोध जीत दर्ज कर एंडी बर्नहैम ने यूनाइटेड किंगडम के 59वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। 56 वर्षीय बर्नहैम ने बकिंघम पैलेस पहुंचकर किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात की और औपचारिक रूप से ब्रिटेन में नई सरकार बनाने का शाही निमंत्रण स्वीकार किया।

    10 वर्षों में सातवें प्रधानमंत्री बने एंडी बर्नहैम

    ब्रिटिश राजनीति में पिछले एक दशक से जारी उथल-पुथल के बीच एंडी बर्नहैम का प्रधानमंत्री बनना बेहद खास माना जा रहा है। वे पिछले 10 वर्षों के अंतराल में यूनाइटेड किंगडम के सातवें प्रधानमंत्री बने हैं। लेबर पार्टी के भीतर उनके सर्वसम्मति से चुने जाने के बाद देश में नया नेतृत्व स्थापित हुआ है, जिससे ब्रिटिश प्रशासनिक हलकों में नए बदलावों की उम्मीद की जा रही है।

    बकिंघम पैलेस में किंग चार्ल्स तृतीय से मुलाकात

    कीर स्टार्मर द्वारा महामहिम किंग को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंपने के तुरंत बाद सत्ता हस्तांतरण की औपचारिकताएं तेजी से पूरी की गईं। इसके बाद नव-निर्वाचित नेता एंडी बर्नहैम बकिंघम पैलेस पहुंचे, जहां उन्होंने किंग चार्ल्स तृतीय से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान किंग ने उन्हें औपचारिक रूप से देश की बागडोर संभालने और नई सरकार का गठन करने का बुलावा दिया।

    'किसिंग हैंड्स' की ऐतिहासिक परंपरा के साथ मिली कमान

    किंग चार्ल्स तृतीय का निमंत्रण स्वीकार करते ही एंडी बर्नहैम आधिकारिक तौर पर यूनाइटेड किंगडम के नए प्रधानमंत्री बन गए। ब्रिटिश राजनीतिक इतिहास और परंपरा में इस शाही एवं आधिकारिक समारोह को 'किसिंग हैंड्स' के नाम से जाना जाता है। इस ऐतिहासिक प्रक्रिया के संपन्न होते ही 10 डाउनिंग स्ट्रीट में नए प्रधानमंत्री के कार्यकाल का आगाज हो गया है।

    नये नेतृत्व से देश को बड़ी उम्मीदें

    एंडी बर्नहैम के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने और सरकार की कमान संभालने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय और घरेलू नीतियों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। सत्ता संभालने के बाद उनके सामने देश की अर्थव्यवस्था को गति देने और मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। लेबर पार्टी और उनके समर्थक इस नए दौर की शुरुआत को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं।

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